बांसडीह। बाढ़ और कटान की समस्या से ग्रसित सरयू नदी से किनारे पर बसे बांसडीह विधानसभा से तीसरी बार नेता प्रतिपक्ष एवं सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी विधायक हैं। वर्तमान चुनाव में भी सपा-सुभासपा गठबंधन से मैदान में हैं। नेता प्रतिपक्ष विधानसभा क्षेत्र में विकास के नए आयाम गढ़ने का दावा तो करते हैं, लेकिन कई दशक से बाढ़ और कटान का दंश झेल रहे लोगों के बचाने के लिए आज तक प्रभावी उपाय नहीं हो पाए हैं। दर्जनों गांव कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। बिजली की सुविधा पहले से बेहतर हुई है, लेकिन इसे प्रदेश सरकार की देन बताया जा रहा है। विधानसभा की खस्ताहाल सड़कें किसी से छिपी नहीं है।
मौजूदा विधायक का दावा है कि ज्यादातर विकास कार्य कराए गए हैं। भाजपा सरकार पर विकास कार्यों में बाधक बनाने का आरोप लगाते हुए बताया कि सपा के कार्यकाल में जो विकास कार्य को गति मिली थी, उसे इस सरकार ने धीमा कर दिया है। दावा किया कि अपने कार्यकाल में मैने शिक्षा, स्वस्थ, बिजली, पानी, सड़क, युवाओं और महिलाओं के रोजगार आदि हर तरफ कार्य किया। वहीं स्थानीय लोग आर्सेनिक प्रभावित पेयजल, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था, खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा रख रहे हैं। वहीं पिछले चुनाव की बात करें तो राम गोविंद चौधरी 51,201 मत पाकर चुनाव जीते थे। निर्दलीय केतकी सिंह 49,514 मत पाकर बहुत कम वोटों से हारी थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा भाजपा के साथ ही। गठबंधन के प्रत्याशी को 40 हजार से ज्यादा मत मिले थे। इस बार सुभासपा सपा के साथ है। केतकी सिंह भाजपा और निषाद पार्टी के गठबंधन से मैदान में हैं। भाजपा के बागी कनक पांडेय वीआईपी से तो सुभासपा से आई मानती राजभर बसपा से प्रत्याशी हैं।
पिछले चुनाव में किए गए वादे
--विधानसभा की सड़कें गड्ढामुक्त होगी।
--पेयजल की व्यवस्था बेहतर होगी।
--कटानरोधी कार्य और कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा।
--बिजली की समस्याओं से निजात दिलाई जाएगी।
इन कामों के पूरा होने का इंतजार
--विधानसभा के अधिकतर सड़कें निर्माण कार्य की बाट जोह रही हैं।
--कटान पीड़ितों को जमीन उपलब्ध कराकर उन्हें बसाने का कार्य।
--कटानरोधी कार्य कराकर सरयू नदी की जद से गांवों को बचाने का कार्य।
--शुद्ध पेयजल आपूर्ति का कार्य
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विधायक बोले
कटानरोधी कार्य कराए गए हैं। दर्जनों सड़कों का निर्माण हुआ है। राजकीय पालीटेक्निक कालेज, राजकीय आईटीआई कालेज के निर्माण के साथ सरयू नदी पर पक्के पुल का निर्माण चल रहा है। बिजली सब स्टेशन, आश्रम पद्धति विद्यालय अहम है। सबसे अहम बात यह है कि मैं हमेशा आम जनमानस के दुख-सुख में खड़ा रहा।
रामगोविंद चौधरी, विधायक, बांसडीह
विपक्ष की राय
सपा के कार्यकाल में बिजली नहीं आती थी। भाजपा सरकार में गांवों में भी 18 घंटे, नगर पंचायत में 20 घंटे, शहरों में 22 घंटे बिजली मिल रही है।नेता प्रतिपक्ष की वजह से हमारे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हुआ है। हर तरफ समस्या ही समस्या दिख रही है। जनता पिछले पांच वर्ष में विधायक से त्रस्त हो चुकी है। क्षेत्र जब करोना संक्रमण से जूझ रहा था। उस दौरान नेता प्रतिपक्ष गायब रहे। पूरे पांच साल नेता प्रतिपक्ष सिर्फ सरकार को बदनाम करते रहे। जनता बांसडीह में भी परिवर्तन चाहती है।
केतकी सिंह, भाजपा प्रत्याशी
विधानसभा में अभी भी शुद्ध पेयजल की समस्या है। कई पानी टंकी का आधा अधूरा निर्माण तो है। आर्सेनिक का प्रभाव भी है। समय से पेयजल की आपूर्ति नही होती है। कई पुरानी टंकी में तकनीकी खामियों की वजह से पानी की सप्लाई बंद है।
भरत पांडेय, बांसडीह
सड़कें बदहाल
विधानसभा की सड़कों हालत खराब हैं। सुखपुरा-बांसडीह-सहतवार सड़क भी खस्ताहाल होने की ओर है। दर्जनों सड़कें गड्ढे में तब्दील हैं। इनका निर्माण करना अत्यंत जरूरी है। कई मुख्य मार्ग पर रोज हजारों लोग आवागमन करते हैं, उन सड़कों का निर्माण तो अत्यंत जरूरी है।
संजीत शर्मा, डुही मुसी
कटान जटिल समस्या
बाढ़, कटान और जलजमाव की जटिल समस्या है। सैकड़ों कटान पीड़ितों को जमीन उपलब्ध कराकर उन्हें बसाने की जरूरत है। जलजमाव और जलप्लावन से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। इस क्षेत्र में भी कार्य किए जाने की जरूरत है।
मनीष पासवान, केवटलिया
नगर पंचायतों में सीवर की व्यवस्था नहीं है। जल निकासी की स्थाई व्यवस्था करने की जरूरत है। सड़कें जो गड्ढों में तब्दील हो गई है उसे गड्ढा मुक्त करने की जरूरत है।
अशोक मिश्रा