गुरुवार रात नगर में बिजली कटने के दौरान घर के बाहर हाथ के पंखे के सहारे गर्मी से निजात पातीं महिलाएं। अमर उजाला
भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती कोढ़ में खाज बन गई है। दिन में कटौती होने पर लोग किसी तरह दिन गुजार ले रहे हैं लेकिन रात भारी पड़ रही है। रात में आपात कटौती से नींद पूरी नहीं हो पा रही है। ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। तय रोस्टर के अनुसार बिजली न मिलने से लोगों में नाराजगी है।
शहर में 20 और देहात में 14 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रशासन का दावा खोखला साबित हो रहा है। बिजली विभाग की ओर से नगर क्षेत्र में 20 तथा देहात क्षेत्र में 14 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल तय किया गया है। शहर क्षेत्र में मात्र 4 घंटे बिजली कटौती का समय निर्धारित है। सुबह 8-10, दो घंटे तथा दोपहर बारह से 2 बजे तक लेकिन 8 घंटे या इससे भी ज्यादा की कटौती की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति और खराब है। यहां इमरजेंसी कटौती के नाम पर कभी रातभर बिजली गुल रहती है तो कभी आधी रात काट दी जाती है।ग्रामीण अंचलों में कुल 14 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। एक सप्ताह दिन में तो एक सप्ताह रात में बिजली आपूर्ति तय है।
मामूली खराबी पर भी देहात क्षेत्रों में कई दिनों तक बिजली गायब रह रही है। बिजली कटौती का खामियजा बैरिया, बेल्थरारोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर बिजली कटौती हो रही है। आलम यह है कि इन तहसीलों में निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक 14 घंटा बिजली मिलनी चाहिए। जबकि मिल रही है मात्र आठ से नौ घंटे। यही नहीं विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।