जीराबस्ती स्थित रोडवेज के वर्कशाप में इलेक्ट्रानिक बसों के संचालन के तैयार फाउंडेशन। संवाद
बलिया। परिवहन निगम की तरफ से जिले में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की कवायद दो साल से चल रही है। इसके लिए पहल भी तेज हो गई है। इधर, शासन के आदेश के बाद परिवहन निगम 15 जून तक इलेक्ट्रिक बसों के चलाने की योजना बना रहा था लेकिन चार्जिंग स्टेशन की टेस्टिंग में मामला अटक गया है। हालांकि इसके लिए जिला स्तर से मुख्यालय को जल्द टेस्टिंग कराने को पत्राचार किया गया है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर काफी गंभीर हैं। इसके लिए वह लगातार प्रगति की जानकारी भी ले रहे हैं। परिवहन विभाग की माने तो फाउंडेशन के साथ ही चार्जिंग सिस्टम लग चुका है। टेस्टिंग के लिए नोएडा से मैकेनिक को आना है। उनके आने के बाद ही टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उसके बाद ही बसों के संचालन को हरी झंडी मिलेगी। जिले के लिए लखनऊ में पहले से ही चार इलेक्ट्रिक बसें खड़ी हैं। जिला मुख्यालय से चार किमी दूर जीराबस्ती स्थित रोडवेज वर्कशाॅप में चार्जिंग स्टेशन का फाउंडेशन तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को राहत मिलेगी। वहीं, प्रदूषण का भी खतरा कम होगा। चार्जिंग पॉइंट स्टेशन के लिए बिजली लाइन अंडरग्राउंड बिछाई गई है। एक बार फुल चार्ज होने में बस को चार से पांच घंटे का समय लगेगा। चार्ज होने के बाद 200 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। चर्जिंग स्टेशन के लिए बिजली विभाग की 240 वाट का कनेक्शन भी दिया गया है।
जीराबस्ती वर्कशाॅप में चार्जिंंग स्टेशन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। फाउंडेशन पर चार्जिंग मशीन स्थापित हो गई है। बस टेस्टिंग का कार्य होना है। इसके लिए कंपनी के मैकेनिक से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद है कि दो-चार दिन में मैकेनिक आकर चार्जिंग स्टेशन को फाइनल टच दे देंगे। उसके बाद बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। - महेश चंद्र पांडेय, एआरएम।