बलिया। कोरोना से जंग में युवा ही नहीं बल्कि बुजुर्ग भी वारियर्स की भूमिका में आ गए हैं। इनमें शामिल हैं शहर के अमृतपाली निवासी सीनियर सिटीजन 95 वर्षीय रमाकांत वर्मा (95) और उनकी पत्नी लीलावती देवी (90)। 22 जुलाई को कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दंपती ने हौसले के साथ खुद आइसोलेट किया और कोरोना को हराया। स्वस्थ होने के बाद बुजुर्ग दंपती संबंधियों और परिचितों को जागरूक कर रहे हैं। वे हर एक व्यक्ति को संदेश देते हैं कि कोरोना से डरे नहीं बल्कि हौसले के साथ बचाव का उपाय अपनाकर कोरोना से जंग जीतें।
बुजुर्ग दंपति मिलने वाले प्रत्येक व्यक्ति का कुशल क्षेम पूछने के बाद कोरोना से बचाव के टिप्स देते हैं। साथ ही अपना अनुभव साझा करना नहीं भूलते।
रमाकांत वर्मा और उनकी पत्नी लीलावती देवी ने 22 जुलाई को एंटीजेन से कोरोना की जांच कराई थी तो दोनों संक्रमित होने की जानकारी मिली। दंपती ने कोरोना से डरने की बजाय स्वयं को होम आईसोलेशन में रखा। 48 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम वृद्ध दंपती को लेकर बसंतपुर स्थित एल-वन अस्पताल पहुंची, लेकिन वहां भी तैनात स्टाफ ने सुविधाओं की कमी की बात बताते हुए दोनों को भर्ती करने से मना कर दिया। करीब दस घंटे की जद्दोजहद के बाद दोनों को घर छोड़ दिया था। इसके बावजूद भी दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और स्वयं को होम क्वारंटीन कर लिया। इस दौरान उन्हें ना तो कोई दवा दी गई और ना ही किसी प्रकार की कोई सुविधा मुहैया कराई गई। बुजुर्ग दंपती ने अपनी देखरेख खुद की। कोरोना से बचाव के हरसंभव उपाय अपनाए। जब दोबारा हुई जांच हुई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। अब कोरोना के खिलाफ अलख जगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।