बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सों एक्ट प्रथमकांत की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आठ वर्ष पुराने मामले में आरोपी के खिलाफ दोष साबित पाया। दोषी को आठ वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
सुखपुरा थाने में पीड़ित ने वर्ष 2016 में एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोप लगाया था कि आरोपी सत्येन्द्र यादव पुत्र दीनदयाल यादव निवासी नगरी पटखौली उनकी नाबालिग पुत्री को बहला कर भगा ले गया था। दुष्कर्म किया। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की। इसकी सुनवाई अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथमकांत की अदालत में चल रही थी। अभियोजन की ओर से आरोपी को कड़ी से क़ड़ी सजा देने की मांग की गई। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी के पक्ष में पिछला आपराधिक रिकार्ड न होने की दुहाई दी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ दोष साबित पाया गया। दोषी सत्येन्द्र यादव को आठ वर्ष कैद की सजा सुनाई गई। साथ ही 20 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।