शिक्षामित्रों का सत्याग्रह आंदोलन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने न सिर्फ उपवास रखा, बल्कि ‘अध्यादेश लाना होगा-शिक्षामित्रों को बचना होगा‘ का नारा भी बुलंद किया। धरना सभा पर बीएसए प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ पटल सहायक/राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री वेद प्रकाश पांडेय ने उपवास पर बैठे शिक्षामित्रों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
बीएसए कार्यालय पर आयोजित जनपद स्तरीय सत्याग्रह आंदोलन के अंतिम दिन वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि 17 साल से बेसिक शिक्षा की तस्वीर संवारने वाले शिक्षामित्रों के प्रति सरकार का रवैया पूरी तरह संवेदनहीन है। विस चुनाव के घोषणा पत्र में शिक्षामित्रों को शामिल करने वाली प्रदेश सरकार इनकी समस्या पर गंभीर नहीं है, लेकिन शिक्षामित्र चुप नहीं बैठेंगे। 21 अगस्त से लखनऊ में आयोजित प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल होने के लिए बलिया के 3000 शिक्षामित्र 20 अगस्त को रवाना होंगे। हमें 17 साल का हिसाब चाहिए। सरकार को अपना वादा याद नहीं आया तो 25 अगस्त को प्रदेश के शिक्षामित्र दिल्ली में जुटेंगे और अध्यादेश जारी होने तक डटे रहेंगे।
शिक्षामित्रों के अगस्त क्त्रसंति धरना सभा में मंडलीय अध्यक्ष राज्य कर्मचारी परिषद ब्रजेश सिंह, नेता राज्य कर्मचारी सुशील त्रिपाठी, माशिसं के जगतनारायण मिश्र, शिक्षक नेता घनश्याम चौबे, धीरज राय, कामेश्वर सिंह, शर्मानाथ यादव, धर्मेन्द्र गुप्त, रमाशंकर शर्मा, संतोष पांडेय, राजमंगल यादव, अनिल राय, काशीनाथ यादव, सरल यादव, चन्द्रभान सिंह, जितेन्द्र राय, सत्येन्द्र वर्मा, राजू प्रसाद, बसुंधरा राय, शोभा सिंह, ममता मिश्र, अनिल, शिवजी गुप्त, अजय श्रीवास्तव, संतोष यादव, राजेश साहनी, अनिल मिश्र इत्यादि मौजूद रहे। सत्याग्रह आंदोलन में सहयोग करने वाले कर्मचारी व शिक्षक संगठनों के प्रति जिला संयोजक पंकज कुमार सिंह व सह संयोजक सूर्यप्रकाश यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्षता रमेश पांडेय व संचालन श्माम नंदन मिश्र उर्फ मंटू ने किया।