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परीक्षा के पैटर्न में बदलाव से छात्रों में होगा कौशल विकास

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बलिया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले पेपर के पैटर्न में बदलाव किया गया है। परीक्षा में 10 फीसदी सवाल केस स्टडी से पूछे जाएंगे। कई विषयों में सिलेबस कम किए जाने के बाद प्रश्नों की संख्या भी घटाई गई है, जिससे छात्रों के स्किल डेवलपमेंट में काफी मदद मिलेगी। इससे यह बात सामने आ जाएगी कि पढ़ने वाला छात्र किस रोजगार के लिए रुचि रखता है और उसकी सोच क्या है। देवस्थली विद्यापीठ के प्रधानाचार्य पीसी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में रटी रटाई तौर पर होने वाली पढ़ाई से बच्चों के अंदर छिपे कौशल के बारे में जानकारी नहीं हो पाती थी, जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद लड़कों को रोजगार पाने में काफी दिक्कत होती थी लेकिन सीबीएसई बोर्ड द्वारा परीक्षाओं में किए गए बदलाव से इस समस्या का समाधान होगा। श्रीवास्तव ने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा में सामाजिक विज्ञान के पेपर में बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या 20 से घटाकर 16 कर दी गई है। इसी तरह, विज्ञान के पेपर में 32 की जगह 36 प्रश्न पूछे जाएंगे। गणित के पेपर में केस स्टडी के चार प्रश्न होंगे। साथ ही ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या 20 से घटाकर 16 कर दी गई है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में इतिहास में अब 31 की जगह 30 प्रश्न होंगे। इसके अलावा, आब्जेक्टिव सवालों की संख्या 20 से घटाकर 15 कर दी गई है। परीक्षा में केस स्टडी के तीन प्रश्न पूछे जाएंगे, जो विषय से ही संबंधित होंगे। अब मैप छह नंबर की जगह पांच नंबर का होगा। इसी प्रकार, मनोविज्ञान के पेपर में भी 32 की जगह 31 प्रश्न ही पूछे जाएंगे। साथ ही 10 फीसदी सवाल केस स्टडी से जुड़े होंगे। इंटरमीडिएट की परीक्षा में जीवविज्ञान के पेपर में अब प्रश्नों की संख्या 27 से बढ़ाकर 33 कर दी गई है। इसी तरह, अकाउंटेंसी के पेपर चार खंडों में होंगे पहले यह दो खंडों में होता था।
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