जीराबस्ती स्थित रोडवेज वर्कशाप में इलेक्ट्रानिक बसों के लिए बनकर तैयार फाउंडेशन।संवाद
इबलिया। जिले में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की उम्मीद अब जगने लगी है। जीराबस्ती वर्कशाप में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है। नोएडा से चार्जिंग मशीन लगाने व अंतिम टच देेने के लिए मैकेनिकों की टीम पहुंच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस सप्ताह इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। बलिया डिपो की तरफ से चार इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड कर दी गई है। जिले के लिए लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस पहले से सरकार से मिलने के बाद खड़ी है। परिवहन मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही चालकों का दल पहुंच कर बसों को ले आएगा। इन बसों के संचालन के लिए रूट भी प्रस्तावित किए गए हैं। जिन जिले में चार्जिंग स्टेशन होगा, वहां के लिए बसों का संचालन करने की योजना है। कुछ अन्य रूट पर भी संचालन किया जा सकता है। परिवहन विभाग के अनुसार, वाराणसी, गोरखपुर के अलावा मऊ व लोकल दूरस्थ सेंटर तक चलाया जाएगा। संचालन का निर्णय मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही लिया जाएगा।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर गंभीर हैं। वह खुद प्रगति का लगातार समीक्षा कर रहे है। उम्मीद जताई जा रही है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को राहत मिलेगी। वहीं, प्रदूषण का भी खतरा कम होगा। बसों के एक बार फुल चार्ज होने में चार से पांच घंटे लगेगा। चार्ज होने के बाद 200 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। ऐसे में मऊ तक भी बसों के संचालन की योजना निगम की तरफ से बनाई जा रही है।
नोएडा से मैकेनिक आ गए हैं। चार्जिंग मशीन स्थापित करने के साथ ही कनेक्शन की प्रक्रिया जारी है। इस सप्ताह तक टेस्टिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। ऐसे में परिवहन मुख्यालय से फिलहाल चार इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड कर दी गई है। - महेश चंद्र पांडेय, एआरएम।