बलिया। विश्व वेटलैंड दिवस जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार, सुरहाताल के किनारे मनाया गया। मुख्य अतिथि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के मानद लोकपाल गणेश शंकर पाठक रहे। अध्यक्षता प्रभागीय निदेशक विमल कुमार आनंद ने की। संचालन नितेश कुमार पाठक ने किया।
वेटलैंड की महत्ता पर विचार रखा गया। विमल कुमार आनंद ने बताया कि जिस प्रकार से हमारे शरीर में किडनी कार्य करती है, उसी प्रकार आर्द्रभूमि भी धरती पर पर्यावरण को शुद्ध करने में अपने भूमिका निभाते है। ज्ञानपीठिका स्कूल जीराबस्ती, सुखपुरा इंटर कॉलेज, टाउन इंटर कॉलेज और पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरवांकला के बच्चे शामिललुहए। चित्र, प्रश्नोत्तरी, रंगोली, भाषण प्रतियोगिता कराई गई। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता को मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष ने पुरस्कृत किया। मुख्य आकर्षण पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरवाकलां के छात्र-छात्राओं का नाटक एवं फिजिकल कार्यक्रम रहा। गणेश कुमार पाठक ने कहा कि सुरहाताल उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वेटलैंड है। यहां 12 माह पानी रहता है, धीरे-धीरे सुरहाताल में भी पानी की कमी होती जा रही है। इसका मुख्य कारण बारिश का कम होना है। कटहल नाला जैसे कई नाले आकर सुरहाताल में मिलते हैं। सुरहाताल में जल के स्रोत हैं। इन पर अतिक्रमण हो जाना तथा इनकी साफ- सफाई न होना सुरहाताल में पानी सूखने का मूल कारण है।सुरहाताल के तली की भी कभी साफ-सफाई न होने से भी सुरहाताल का तल उथला होता जा रहा है। इस प्रकार से यदि सुरहाताल सूखता रहा तो इसकी उर्वरा क्षमता भी समाप्त हो जाएगी।