सिकंदरपुर नगर पंचायत सहित अन्य इलाकों में संचालित दवा की दूकानों पर ड्रग विभाग ने शुक्रवार को छापेमारी की। ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम के पहुंचते ही कस्बे की दूकानें धड़ाधड़ बंद होने लगीं।
इसके बाद भी टीम ने आधा दर्जन दवा की दूकानों से सैंपल लिया। छापेमारी के दौरान थोड़ी ही देर में दवा मंडी में सन्नाटा छा गया।
सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में लंबे अरसे से दवा की दूकानों पर छापेमारी की कार्रवाई नहीं हुई थी। दवा दूकानदारों की माने तो दो साल पहले नगर क्षेत्र में ड्रग इंस्पेक्टर ने छापेमारी और सैंपलिंग की थी।
इन दिनों दवा मंडी में वर्जित दवाएं बिकने की शिकायत जिलाधिकारी यशवंत राव को मिली थी। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह अचानक टीम सिकंदरपुर पहुंच गई।
टीम के पहुंचते ही बाजार में अफरातफरी मच गई। दूकानें एक-एक कर बंद होने लगीं। टीम जब तक बाजार में पहुंची, कुछ ही दूकानें खुली रह गई थीं। ड्रग इंस्पेक्टर ने कुल छह दूकानों से दवा का सैंपल लिया।
छापेमारी से दवा दूकानदारों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। ड्रग इंस्पेक्टर ने सीएचसी के गेट से गुमटी हटाने का निर्देश दिया। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अभियान पूरे जनपद में चलाया जा रहा है। ताकि गलत दवाएं बाजार में न आ सकें।