अंबेडकरनगर के भीटी क्षेत्र में इस तरह सूखी पड़ी विसुही नदी।
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नदियों के डूब क्षेत्र के काफी हिस्सों पर लोगों ने रिहायशी आवास बनाकर वहां अतिक्रमण कर रखा है। आलम यह है कि नगर के महावीर घाट, काशीपुर सहित नगर से सटे कई गांवों में सैकड़ों लोगों ने डूब क्षेत्र में पक्के मकान बना लिये हैं।
डूब क्षेत्र में बने रिहायशी आवास बाढ़ के दिनों में प्रशासन के लिए सिरदर्द बने रहते हैं। वहीं लोग इसके लिए जिला प्रशासन को ही जिम्मेदार मानते हैं। नगर के दक्षिणी क्षेत्र का अधिकतम हिस्सा डूब क्षेत्र में आता है।
लेकिन बाहर से आने वाले लोग सस्ती जमीन मिलने से वहां मकान बना लेते हैं। और जिला प्रशासन अपनी आंखे मूंदे रहता है। लेकिन बाढ़ के दिनों में डूब क्षेत्र में पानी भर जाने से प्रशासन के साथ ही यहां रहने वाले लोगों के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से रिहायशी आवास बनाए जा रहे हैं। और प्रशासन उदासीन बना रहता है। इसी का परिणाम है कि आज नगर से सटे महावीर घाट, काशीपुर, बेदुआ, विजयीपुर, हैबतपुर आदि क्षेत्रों के डूब क्षेत्र में सैकड़ों पक्के मकान बनकर तैयार हैं, और आगे भी यह प्रक्रिया जारी है।
बाढ़ के दिनों में बचाव के लिए लोग जिला प्रशासन से गुहार लगाते हैं। यदि समय रहते प्रशासन और आम लोग चेत जाते तो बाढ़ के दिनों में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।