बलिया। राजस्थान विधानसभा में डॉक्टरों के भारी विरोध के बाद भी राइट टू हेल्थ बिल को पास करने के विरोध में आईएमए चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर पूरे दिन कार्य किया और काला दिन मनाया। चिकित्सकों का एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम आवास पर ज्ञापन सौंपा। पत्रक सौंप राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ आक्रोश जताया। मांग किया कि सरकार इस बिल को वापस लें।
पिछले कई दिनों से राजस्थान प्रदेश के डॉक्टर हड़ताल पर है। सरकार निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर वाटर कैनन से पानी छिड़ककर और डंडे चलाकर राइट टू हेल्थ बिल लाई है यह कामयाब नहीं होगा। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. डी राय ने बताया कि यह बिल आमजनों को संविधान के धारा-21 के अंतर्गत सरकार द्वारा डॉक्टर्स को राइट टू लीव अधिकार से वंचित करने का प्रयास है।
सरकारें स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने दायित्व को प्राइवेट सेक्टर पर बिना किसी खर्च उन्हें बर्बाद करने पर उतारू है। किसी न किसी रूप में केंद्र एवं सभी राज्य सरकारें एक जैसा कदम उठा रही हैं। राजस्थान सरकार जबतक इस जनविरोधी वाले काला कानून वापस नहीं लेती है तब तक आईएमए उत्तर प्रदेश इसका हर स्तर विरोध करना जारी रखेगी।
सचिव डॉ. एके गुप्ता, डॉ. राजेश केजरीवाल, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. जीएस पाठक, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. पीके सिंह, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. केके तिवारी, डॉ. रचना सिंह, डॉ. अमिता रानी आदि रहे।