स्टाफ चिकित्सकों के अभाव में अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के साथ ही खून जांच, एक्स-रे, सिटी स्कैन, आदि मरीजों को परेशानी हो रही है। सीएमएस डा. दिवाकर सिंह ने कहा कि सीमित संसाधनों में अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। स्टाफ के आने बाद स्थिति सामान्य हो सकेगी। जिन लोगों का अन्य जनपदों के लिए स्थानांतरित किया गया है, जब तक रिलीवर नहीं आएंगे तब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।
जनपद स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर सम्बद्ध चिकित्सकों को उनके पूर्व के स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा है। इसे अस्पताल के लिए आवश्यक मानव संपदा को देखते हुए क्रियान्वित किया जाएगा। जिला अस्पताल में शासन के स्थानांतरण नीति के तहत 21 चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद यहां की स्थिति भयावह हो गई है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार लेवल वन के 156 चिकित्सा अधिकारियों के सापेक्ष पहले ही 68 चिकित्सा अधिकारियों के पद खाली थे। इसमें से भी एलवन के 17 चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण अन्य जनपदों के लिए कर दिए गए हैं। इसी तरह लेवल दो के 17 चिकित्सा अधिकारियों में तीन चिकित्सा अधिकारियों का स्थानांतरण हो गया है। एल 3 के 34 चिकित्सा अधिकारियों के सापेक्ष मात्र आठ चिकित्सा अधिकारी हैं। 26 पद रिक्त पड़े हुए हैं। यही हालत एल 4 लेवल के 14 पदों के सापेक्ष पांच चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं। उक्त लेवल के नौ चिकित्सा अधिकारियों के पद रिक्त चल रहे हैं। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना इन दिनों चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है।