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सरकारी फरमान के विरोध में आईएमए ने किया कार्य बहिष्कार

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बसंतपुर में कूड़ा निस्तारण केंद्र का निरीक्षण करते जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही। - फोटो : BALLIA
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बलिया। केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। डाक्टरों ने क्लीनिक और नर्सिंग होम बंद रखा। इसके बाद बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश के 95 फीसदी मरीज आधुनिक चिकित्सा पद्धति से उपचार कराते हैं। सभी चिकित्सा पद्धतियों को स्वतंत्र रूप में पूर्ण वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार की मिक्सोपैथी माडर्न पद्धति एलोपैथी चिकित्सकों के दिमाग से परे हैं। मिक्सोपैथी के कारण हमारे देश में चिकित्सकों की गुणवत्ता काफी कम हो जाएगी और चिकित्सा के स्तर में काफी गिरावट आएगी। कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सरकार से मांग करता है कि किसी भी स्थिति में मिक्सापैथी को लागू न किया जाए। इसके पूर्व मिक्सोपैथी के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए जिले के आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने पूर्ण रुप से ओपीडी का बहिष्कार किया। इसके चलते सरकारी अस्पतालों में भीड़ रही। इस मौके पर डॉ. पीके सिंह गहलौत, डॉ. डी राय, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. जीएस पाठक, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. आशु सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. आफताब, डॉ. एम आलम, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. केके तिवारी, डॉ. डीबी तिवारी आदि मौजूद रहे।

आईएमए चिकित्सकों की हड़ताल के जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों और तीमारदारों की भीड़।- फोटो : BALLIA

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