एक तरफ देश की युवा पीढ़ी 14 फरवरी जहां वेलेंटाइन-डे मनाने में व्यस्त रही, वहीं दूसरी तरफ शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को कुछ लोगों ने याद किया।
गोविंदपुर स्थित स्वामी सहजानंद इंटर कालेज में गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा यह भूल गए हैं कि 14 फरवरी के दिन ही इन क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई गई था, जिसे सुनकर पूरा हिंदुस्तान शोक में डूब गया था।
कालेज के प्राचार्य प्रेम प्रकाश राय ने कहा कि देशवासी, विशेष रूप से युवा पीढ़ी जिस उत्साह से वेलेंटाइन-डे मना रही है। यह देश के लिए दु:खद है। आज हमें भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को भूलना नहीं चाहिए।
पश्चिमी सभ्यता में डूबने वाले युवा देश व राष्ट्र के प्रति जान गवाने वाले शहीदों को नमन करें। कहा कि यह दिन हमारे लिए सबसे कष्ट का दिन है। ऐसे में हम खुशी मना रहे हैं, यह गलत है।
कहा कि ऐसे दिन को वेलेंनटाइन-डे मनाना कहां से उचित है। वर्तमान में पश्चिमी सभ्यता और परंपराओं की चकाचौंध में देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले देशभक्त गुम हो गए हैं।
कुछ वक्ताओं ने कहा कि हम वेलेंनटाइन-डे का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन शहीदों को नमन करने के लिए सबको जागरूक जरूर कर रहे हैं। गोष्ठी से पूर्व भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया।
इस मौके पर रणजीत राय, सुनील सिंह, लल्लन प्रसाद, प्रेमचंद्र, संतोष पांडेय, अरविंद पांडेय, कन्हैया लाल राय, इंद्रजीत सिंह यादव, गोविंदजी प्रेमचंद्र, दिनेश प्रसाद आदि रहे।