बलिया। शासन की ओर से जिले के दिव्यांगों को छत मुहैया कराने के लिए 77 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य दिया है। जिले स्तर से ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बतौर पहली किस्त 30 लाख जारी की गई है। अब इसके निर्माण कार्य शुरु होंगे।
वर्ष 18-19 में प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गई। योजना में प्रावधान किया गया है कि एक अप्रैल 2017 के बाद प्राकृतिक आपदा से ऐसे पीड़ित जिनका नाम सेक सूची में नहीं है उन्हें आवास का लाभ दिया जाएगा। वर्ष 2022-23 में जिले के लिए पहले चरण में शासन की ओर से कुल 261 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य निर्धारित किया। इन आवासों का निर्माण चल रहा है। दूसरे चरण में सरकार ने 185 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य निर्धारित किया। इसमें मुख्य रूप से प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के लिए 108 व दिव्यांगों के लिए 77 आवास निर्धारित किए गए थे। बताया जाता है कि जिले के कई ऐसे दिव्यांग हैं, जिनका नाम भारत सरकार की सेक (सोशल इकॉनमिक एंड कॉस्ट सेंसस) सूची में नाम नहीं है। इसमें नाम नहीं होने के कारण पात्र होते हुए भी वह आवास योजना से वंचित हो जा रहे थे। वर्ष 2022-23 में प्रदेश सरकार की ओर से जिले के दिव्यांगों को मुख्यमंत्री आवास मुहैया कराने के लिए सूची मांगी थी। सूची के सापेक्ष शासन की ओर से 77 दिव्यांगों को आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। डीआरडीए की ओर से 75 इन दिव्यांगों को बतौर पहली किस्त 30 लाख उनके खाते में भेजी गई है। अब यह दिव्यांग अपने आवास का निर्माण करा सकेंगे।
दिव्यांगों को आवास आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त भेजी गई है। सभी ब्लॉकों के बीडीओ को आवास निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। - उमेश मणि त्रिपाठी, पीडी, डीआरडीए, बलिया।