बलिया। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत उथले व मध्यम गहरे नलकूप की बोरिंग के लिए सरकार ने दोगुने से भी अधिक अनुदान देने का निर्णय लिया है। लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता श्याम सुंदर यादव ने बताया कि नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति यानी कि लघु सिंचाई विभाग ने किसानों को बोरिंग के लिए अब तक दी जाने वाली अनुदान राशि में भारी-भरकम बढ़ोतरी की है। ताकि उसका लाभ लघु, सीमांत व अनुसूचित जाति के किसान उठाकर अपनी आय दोगुनी कर सकें। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में सभी श्रेणी के किसान पात्र होंगे। किसानों का पंजीयन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना या फिर पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर होना जरूरी है। किसान को बोरिंग कराने के लिए आवेदन करना होगा और उसके बाद खेत के सर्वे आदि के लिए बतौर शुल्क 1500 रुपये जमा करने होंगे।
इतना मिलेगा अनुदान
विभाग के सहायक अभियंता श्याम सुंदर यादव ने बताया कि 30 से 60 मीटर तक गहरी बोरिंग के लिए छह इंच की पाइप का प्रयोग किया जाता है। जिसके बोरिंग के लिए 75 हजार, जल वितरण प्रणाली के लिए दस हजार व बिजली आदि की व्यवस्था के लिए 68 हजार रुपये की मदद विभाग करता था। बाकी व्यय किसान को करना पड़ता था। इसे अब बढ़ाकर सभी श्रेणी के किसानों को संपूर्ण लागत पांच लाख पर बोरिंग के लिए अधिकतम एक लाख 75 हजार अथवा लागत का 50 प्रतिशत, पाइपलाइन के लिए 14 हजार व बिजली आदि के 68 हजार यानी कि कुल 2.57 लाख रुपये की मदद सरकार करेगी। बाकी किसान को खर्च करना होगा।