थल सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद अपने माता-पिता के साथ सुरेमनपुर निवासी धीरज तिवारी। जागरुक प
बैरिया। सैन्य सेवा के क्षेत्र में बलिया की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया। द्वाबा की धरती सुरेमनपुर निवासी धीरज कुमार तिवारी ने कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया पूरी कर भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से सुरेमनपुर समेत पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
धीरज कुमार तिवारी बैरिया तहसील क्षेत्र के सुरेमनपुर निवासी पूर्व वायु सैनिक संतोष तिवारी और रीना तिवारी के पुत्र हैं। बचपन से ही मेधावी धीरज की प्रारंभिक शिक्षा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हुई। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। सैन्य सेवा में जाने के लक्ष्य को लेकर उन्होंने एसएसबी की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया।
शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड धीरज के जीवन का यादगार दिन बन गया। परेड के दौरान उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के बैज लगाए गए। माता रीना तिवारी और पिता संतोष तिवारी ने बेटे के कंधे पर बैज लगाकर उसकी सैन्य यात्रा की औपचारिक शुरुआत कराई। इस भावुक पल की साक्षी धीरज की नानी रमावती देवी और बुआ उर्मिला देवी भी बनीं।
बेटे के सेना में अधिकारी बनने पर माता-पिता और परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। धीरज की सफलता की खबर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने परिजनों को मिठाई खिलाकर बधाई दी।