तयशुदा समय एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होनी थी, लेकिन तीन नवंबर तक कहीं भी धान क्रय केंद्र सुचारू रूप से नहीं खुला है। कहीं-कहीं ताला लटका है तो कहीं क्रय केंद्र का गेट खुला है, लेकिन कर्मचारी गायब दिखे। इस कारण अभी तक क्रय केंद्रों पर धान की बोहनी तक नहीं हो सकी है। जिला विपणन अधिकारी का कहना है जनपद के सभी धान क्रय केंद्र खुले हैं लेकिन किसान नहीं पहुंच रहे हैं।
जिले में 31 धान केंद्र खोले जाने हैं, जहां एक नवंबर से धान की खरीदारी शुरू करनी है। क्रयकेंद्र की ग्राउंड रिपोर्ट की बात करें तो जनपद के कुल छह तहसील में सदर तहसील के दो, बांसडीह तहसील में दो, रसड़ा तहसील में तीन, बैरिया में तीन, सिकंदरपुर में तीन, बेल्थरारोड में चार क्रय केंद्र बंद मिला। बाकी जहां-जहां खुले हैं, वहां किसान यदि अपनी फसल लेकर जा भी रहे हैं तो उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। क्योंकि कर्मचारी वहां से गायब मिले।
रसड़ा क्षेत्र के कठौरा गांव के किसान महेंद्र यादव ने बताया कि गुरुवार को अपना धान लेकर क्रय केंद्र पर गया था, लेकिन क्रय केंद्र पर कोई मौजूद नहीं मिला, जिससे उन्हें बैरंग वापस होना पड़ा। वहीं सत्य नारायण यादव का कहना है कि वह बुधवार को जब धान लेकर क्रय केंद्र पर गया तो कहा गया कि 10 नवंबर के बाद से धान की खरीदारी शुरू होगी। सुखपुरा स्थित करमर स्थित धान क्रय केंद्र अभी तक नहीं खुला है। सुखपुरा के किसान शिवशंकर सिंह, विरेन्द्र ने बताया कि 2 नवंबर को गोदाम पर गये तो कोटा का निकासी चल रहा था। वहाँ पर कोई सरकारी कर्मचारी नहीं था। ऐसे में उन्हें बेरंग वापस लौटना पड़ा।