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Ballia News: पंडालों में मां के दिव्य दर्शन कर भाव-विभोर हो रहे श्रद्धालु

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बांसडीहरोड क्षेत्र के गोठहुली गांव में स्थापित की मां दुर्गा की प्रतिमा।संवाद
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बलिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता के खुले पट खुलने के बाद मंगलवार को मां शेरवाली के दर्शन करने को पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर पूजा पंडालों में गूंजती रही शंख और घड़ी-घंट की आवाज तो कही भक्ति धुन पर श्रद्धालु झूमते दिखे। शाम होते ही पंडाल रंग-बिरंग लाइटों से आकर्षक दिखने लगा। पंडालों के इर्द-गिर्द लगी दुकानों पर परिवार के साथ पहुंचकर लोगों ने चाट व समोसा का आनंद लिया। शहर के गांधीनगर, चित्तू पांडेय चौराहा, जापलिनगंज, लोहापट्टी, आर्य समाज रोड, कासिम बाजार, ओक्डेनगंज व गोठहुली आदि स्थालों पर बने पंडाल आकर्षक का केंद्र बने रहे। बेल्थरारोड। नगर क्षेत्र में प्रतिस्थापित मां दुर्गा व देवी देवताओं के पट खुल जाने के बाद दर्शन और पूजन अर्चन का दौर शुरू हो गया। इस दौरान भक्तों की भीड़ हो रही है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा मेला शुरू हो गया। सर्वत्र देवी गीत संगीत की धूम मची रही। मानस मंदिर बाल संघ दुर्गा पूजा समिति के पंडाल को महाकाली मंदिर का स्वरूप दिया गया है। चौकिया मोड़ स्थित पंडाल सरस्वती मंदिर की आकृति का बना है। इसके साथ ही यंग क्लब, श्री आदिशक्ति, श्री श्री सिंह वाहिनी, लोहा पट्टी, यूनाइटेड क्लब, अमर ज्योति क्लब, त्रिमुहानी, बस स्टेशन, सिविल लाइंस, इंडियन क्लब के पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ होने से वातावरण भक्ति मय बन गया है।
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चिलकहर : कुरेजी चट्टी पर मां दुर्गा, गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती माता, कार्तिकेय जी सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्ति की स्थापना की गई है। गड़वार में भव्य पंडाल बना है। क्षेत्र के 129 गांवों में मां दुर्गा का पूजन चल रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहे हैं।
विशुनपुरा : सुबह से ही सार्वजनिक दुर्गा पूजन समिति गौवापार, नव युवक मंगल दल मालीपुर, नवयुवक मंगल दल गौवापार, जमुआंव, बिहार हरपुर, तुर्की, विशुनपुरा, परसिया, करीमपुर, परसिया कमरौली आदि स्थानों पर पंडालों में माता के दर्शन पूजन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
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जयप्रकाशनगर : क्षेत्र के नवयुवक मंगल दल सेवक राय के टोला की ओर से मां दुर्गा प्रतिमा गांव में रखी गई है। यहां दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। दलजीत टोला (जयप्रकाश नगर), नवका टोला, रामनगर, आठगंवा, मठ योगेन्द्र गिरी की चट्टी आदि पर भी मां की प्रतिमा स्थापित है। घोघा : अष्टमी के दिन माता रानी के दर्शन के लिए भीड़ रही। बड़ी बाजार में श्री महावीरी झंडा एवं दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा का महिषासुर का वध करते हुए झांकी बनाई गई है। नई बस्ती में नवयुवक बाल ज्योति संघ ने भी झांकी सजाई है।
दुर्गा पूजा सामाजिक एकता का प्रतीक
चिलकहर। दुर्गा पूजा सामाजिक एकता का प्रतीक है। ये बातें ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ के प्रदेश महासचिव एवं आजाद सनातन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिक्षक राजेश कुमार मिश्र ने दामोदरपुर में नवयुवक बालक दल की तरफ से 15 वर्षों से स्थापित मां दुर्गा के पंडाल में कहीं। समिति के अध्यक्ष राघव पांडेय, ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ के प्रदेश सचिव एवं पत्रकार ओम प्रकाश पांडेय ने मां का पूजन व आरती की।
हर ओर मां दुर्गा की भक्ति की गूंज
मझौवां। सप्तमी से ही हर ओर मां दुर्गा की भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। पूरा क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में लीन है। भव्य दुर्गा पंडालों ने न केवल श्रद्धालुओं को आस्था के रंग में रंगा है, बल्कि सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लोगों को आकर्षित किया है। बहादुर बाबा दुर्गा पूजा समिति, मां दुर्गा पूजा समिति, बाबा भीमेश्वर नाथ दुर्गा पूजा समिति रामगढ़ व पूर्वांचल नवयुवक मंगल दल मझौवां और नवयुवक बाल संघ गंगा तट मझौवां पूजा स्थलों पर परंपरा को श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। रामगढ़ में दुर्गा पूजा पिछले 25 वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। यहां की पूजा में दोनों समुदायों की सहभागिता रहती है। इस वर्ष दो प्रमुख पूजा समितियों ने मां दुर्गा के नव रूपों की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की है। बहादुर बाबा और बाबा भीमेश्वर नाथ दुर्गा पूजा समितियों ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया। बहादुर बाबा दुर्गा पूजा समिति की ओर से बुधवार को देवी जागरण होगा। बाबा भीमेश्वर नाथ दुर्गा पूजा समिति की ओर से रावण दहन की तैयारी चल रही है।
युवाओं ने संभाली सांस्कृतिक विरासत
मझौवां। पूर्वांचल नवयुवक मंगल दल और नवयुवक बाल संघ गंगा तट मझौवां की तरफ से आयोजित दुर्गा पूजा इस बार खास रही। युवाओं की भागीदारी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को ऊंचाई दी है। यह स्पष्ट कर दिया है कि परंपरा की विरासत अब सुरक्षित हाथों में है। इन समितियों द्वारा प्रस्तुत नाटक, नृत्य और संगीत कार्यक्रमों ने लोगों को जोड़ा है।
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