ब्रह्माइन स्थित मां ब्रह्मणी देवी मंदिर में पूब्रह्माइन स्थित मां ब्रह्मणी देवी मंदिर में पूजन-अर्चन करते श्रद्धालु़ ।जन-अर्चन करते श्रद्धालु़ ।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनम...के मंत्र से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र गूंज उठे। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भृगु की नगरी देवी अराधना के रंग में रंग गई। शहर हो या गांव हर जगह वैदिक मंत्रोचार के साथ देवी कलश स्थापित कर मां की अराधना की गई। भक्तों ने पहले दिन जनपद के प्रसिद्ध मंदिरों में पहुंच मां शैलपुत्री का दर्शन-पूजन कर मन्नतें भी मांगी। मां का दर्शन-पूजन के लिए देवी मंदिरों में भोर से ही देवी भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
नगर से सटे ब्रह्माईन स्थित मां ब्राह्मणी, शंकरपुर की शांकरी भवानी, कपूरी स्थित कपिलेश्वरी भवानी, कोरंटाडीह स्थित मां मंगला भवानी, अन्नपूर्णामंदिर, सोनाडीह स्थित भागेश्वरी-परमेश्वरी, भीमपुरा की परमेश्वरी देवी मंदिर, जिला मुख्यालय स्थित दुर्गामंदर, उचेड़ा स्थित मां चंडी भवानी सहित अन्य देवी मंदिरों में भोर से ही भक्तों का रेला दर्शन-पूजन के लिए लगा रहा। इस दौरान भक्तों ने मां के जयकारे के साथ नारियल और चुनरी, रोरी, सिंदूर, अबीर, गुलाल, गुड़हल की फूल, माला आदि चढ़ाकर परिवार के कल्याण की कामना की।
उधर देवी भक्तों ने अपने-अपने घरों में वैदिक मंत्रोचार के साथ कलश स्थापित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। सुरक्षा के मद्देनजर नगर से सटे ब्रह्माईन स्थित मां ब्राह्मणी मंदिर और कोरंटाडीह स्थित मां मंगला भवानी मंदिर पर पुलिस के साथ महिला पुलिस भी तैनात रही। वहीं मां मंगला भवानी मंदिर पर नरहीं एसओ नीरज पाठक ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। भोर से लेकर देर शाम तक देवी भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों के जयकारे से आसपास का क्षेत्र गुंजायमान रहा। देवी दर्शन करने गए लोगों के साथ बच्चों ने मंदिर के आसपास लगे दूकानों पर खिलौने खरीदने की जिद्द करते देखे गए। विवश बच्चों के मां-बाप भी बच्चों को खिलौनों के साथ बच्चों के मनचाहे सामानों की खरीददारी की।