गत वर्षों में पीएम आवास योजना में कई अपात्रों का भी चयन हो गया था, जिनकी पोल जांच में खुली थी। कुल 155 अपात्रों से रिकवरी के लिए विभाग ने आरसी जारी की थी, लेकिन 59 अपात्रों ने धनराशि नहीं लौटाई है। इनसे वसूली को लेकर कार्रवाई में विभाग जुटा है।
पांच साल पहले शुरू हुई पीएम आवास योजना भी अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी का शिकार रही है। वर्ष 16-17 से लेकर वर्ष 20-21 तक आवास आवंटन में मिली शिकायतों की जांच में कुल 155 लाभार्थी अपात्र मिले थे। इसको लेकर डीआरडीए ने कई बार अपात्रों को नोटिस जारी कर धन वापस करने का निर्देश दिया, लेकिन जब धन की वापसी नहीं हुई। 2021 में सभी लाभार्थियों के खिलाफ विभाग ने आरसी जारी कर दी। इसके बाद 96 अपात्रों से विभाग ने रिकवरी कर ली, लेकिन शेष लाभार्थियों ने अभी तक सरकारी धन की वापसी नहीं की है। इसको लेकर डीआरडीए एक बार फिर कवायद में जुटा है। डीआरडीए के पीडी ने बताया कि शेष अपात्रों से धनराशि जमा कराने के लिए प्रकिया शुरु की गई है। हालांकि इनसे वसूली के लिए पहले से ही आरसी जारी है।
जांच में अपात्र मिले लाभार्थियों से धनराशि वापस कराई जा रही है। पूर्व में आरसी के सापेक्ष अधिकांश ने धनराशि वापस कर दी है। शेष से धनराशि जल्द ही वापस करा ली जाएगी।
- डीएन दुबे, पीडी, डीआरडीए, बलिया।