देश के कई राज्य जानलेवा डेंगू के कहर से प्रभावित हैं। ऐसे में जनपद में भी डेंगू के पांव पसारने की संभावना देखी जा रही है। जिससे आमजन इस जानलेवा रोग से भयजदा दिख रहे है। हालांकि जिला अस्पताल के ओपीडी में तैनात चिकित्सकों द्वारा डेंगू के किसी केस से इंकार किया जा रहा है। फिर भी डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप से निजात पाने के लिए शासन के निर्देश पर प्रत्येक रविवार को भी ओपीडी खोली जा रही है।
राधेश्याम कॉलोनी निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मच्छरों के प्रकोप से निजात पाने के लिए नगर पालिका या संचारी टीम द्वारा कोई छिड़काव नहीं किया जा रहा है। काजीपुरा निवासी मो. जियाउद्दीन का कहना है कि पहले मच्छरों से निजात के लिए टीमें नगर से लेकर गांव तक के गलियों में भ्रमण कर छिड़काव करते थे। लेकिन वर्तमान में ऐसा कहीं दिखने को नहीं मिल रहा है।
जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। डेंगू के मरीजों की जांच के लिए जिला अस्पताल में कोई माकूल व्यवस्था नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य महकमा इससे इंकार कर रहा है। जिला अस्पताल में तैनात डा. एके स्वर्णकार ने बताया कि ओपीडी में डेंगू वाले मरीज नहीं आ रहे है। बताया कि तेज बुखार होना, उल्टी होना, पूरे शरीर में दर्द होना, जी मचलाना, कमजोरी होना डेंगू का लक्षण माना जाता है।