सिकंदरपुर/नवानगर। खेत मजदूर सभा, मनरेगा मजदूर सभा, खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा (माले) के संयुक्त नेतृत्व में मंगलवार को मजदूरों ने सिकन्दरपुर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद भाकपा माले नेता श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी को 13 मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इसके पूर्व धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार की योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। मनरेगा में मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है, वहीं जिन गरीबों को जमीन का पट्टा मिला है, उन्हें कब्जा नहीं दिया गया है। लिलकर और सीसोटार जैसे दियारा क्षेत्रों में न तो सीमांकन हुआ है और न ही चकबंदी पारदर्शी तरीके से की गई है। उनकी प्रमुख मांगों में मनरेगा में पूरे साल काम और 600 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी, वृद्धा, विधवा और विकलांगों को पांच हजार मासिक पेंशन है। माइक्रो फाइनेंस समूहों की ऋण माफी, गरीबों को सस्ते ब्याज पर ऋण, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, आवास एवं राशन कार्ड में नामांकन जैसी मांगें हैं। चेताया कि यदि शीघ्र ही इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव श्रीराम चौधरी, भाकपा माले के जिला अध्यक्ष लालसाहेब, राम राज्य कमेटी सदस्य नियाज़ अहमद, वशिष्ठ राजभर एवं भागवत बिंद जिला कमेटी सदस्य राधेश्याम चौहान रहे।