बलिया/सिकंदरपुर। सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ''विद्यार्थी'' ने शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
सदन को संबोधित करते हुए सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली पाठशाला होते हैं, जहां से भविष्य के नेतृत्व की नींव तैयार होती है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य और चिंता जताई कि देश के कई विश्वविद्यालयों में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे प्रयागराज विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय और काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पिछले चार वर्षों से छात्र राजनीति ठप पड़ी है। उन्होंने तर्क दिया कि जिन संस्थानों ने देश को बड़े राजनेता दिए, वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकना उचित नहीं है।
सांसद ने बताया कि यह मुद्दा छात्र नेता जितेश कुमार वर्मा, सतीश यादव ''गोलू'' और आशुतोष तिवारी ''आशु'' के विशेष आग्रह पर उठाया गया है। इन छात्र नेताओं ने उनसे मुलाकात कर अपनी व्यथा साझा की थी। सांसद ने कहा कि छात्रसंघ केवल प्रतिनिधित्व का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का एक महत्वपूर्ण तंत्र भी है। वर्तमान में जो छात्र अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, उन्हें दमनकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जो कि लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार से पुरजोर अपील की कि उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनावों पर लगी अघोषित रोक को हटाया जाए। वहीं, सांसद के मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा ने कहा कि यह मुद्दा प्रदेश के लाखों छात्रों की भावनाओं और उनके भविष्य से जुड़ा है। लंबे समय से चल रहे संघर्ष को अब संसद के पटल तक पहुंचाया गया है ताकि सरकार इस पर गंभीरता से विचार करे।