नगर के महिला अस्पताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल को सील कराती पुलिस।
- फोटो : BALLIA
बलिया। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभत से जनपद में गली-गली में बिना पंजीकरण के नर्सिंगहोम संचालित किए जा रहे हैं। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और सर्विलांस टीम छापेमारी कर रही है तो इसकी पोल खुलती जा रही है। जिला अस्पताल रोड में सोमवार शाम टीम ने छापेमारी कर जीवनरेखा अस्पताल को सील कर दिया। यहां के मरीजों को जिला महिला अस्पताल शिफ्ट किया गया है। छापेमारी से हड़कंप की स्थिति बनी रही।
एसडीएम सदर जुनैद अहमद और स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम के नोडल अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में सीएमओ आफिस से चंद कदमों की दूरी पर मौजूद जीवनरेखा अस्पताल पर छापेमारी की गई। वहां का नजारा देख कर सभी के होश उड़ गए। नर्सिंग होम के एक छोटे से कमरे में आपरेशन थियेटर बनाया गया था। इसमे गंदगी का अंबार था। खून से सने कपड़े और आपरेशन के दौरान शरीर से निकले अवशेष खुले में ही पड़े हुए थे। जो डाक्टर नर्सिंग होम चला रहा है उसकी क्वालिफिकेशन बीएमएस है। नर्सिंग होम के अंदर ओपीडी से लेकर ऑपरेशन हो रहे थे। छापेमारी के समय दो मरीज मौजूद थे। इसमें से एक मरीज की हालत बेहद ही गंभीर बताई जा रही है। जब नर्सिंग होम के डॉक्टर से पूछा गया कि इस महिला का ऑपरेशन किसने किया तो पहले तो डॉक्टर ने बताया कि बनारस के एक सर्जन द्वारा हमारे यहां ऑपरेशन किए जाते हैं। जब सर्जन के बारे में जानकारी मांगी गई तो डॉक्टर आनाकानी करने लगा। जब पूछा गया कि एक घंटे पहले हुए ऑपरेशन को किसने अंजाम दिया तो डॉक्टर की हक्की बक्की बंद हो गई। यही नहीं नर्सिंग होम के अंदर मेडिकल स्टोर संचालक से लेकर तमाम स्टाफ कोई हाईस्कूल तो कोई इंटर पास था। सर्विलांस टीम का कहना है कि अवैध नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। वहां एडमिट दोनों मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जाएगा।