बलिया। जिलाधिकारी की फटकार के बाद नगर पालिका द्वारा नाला सफाई के कार्यों में अब तेजी तो लाई गई है,लेकिन मलबा का उठान नहीं होने से एक ओर जहां शहर की सड़कें बदरंग हो गई है तो दूसरी ओर बरसात होने पर मलबा के पुन: नाला में जाने का अंदेशा बना हुआ है। मंगलवार को इसका नजार टीडी कॉलेज चौराहा और उसके समीप स्थित एक होटल के सामने नजर आया, जहां नाला से निकाला गया मलबा सड़क पर पसरा रहा। इससे एक ओर जहां आवागमन में दिक्कत हो रही थी तो दूसरी ओर निकलने वाली दुर्गंध राहगिरों के लिए परेशानी का सबब बनी है। इस सबके बावजूद नपा के जिम्मेदार इससे बेपरवाह बने हुए है।
बता दें कि नगर पालिका ने निकाय चुनाव के दौरान शहर के नालों की सफाई कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए नपा प्रशासन ने पूर्व में नाला सफाई का कार्य कर चुके एक ठेकदार को वर्कआर्डर नालों की सफाई करने का निर्देश दिया। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो नाला सफाई पर करीब तीस लाख रुपये व्यय होने की उम्मीद है। इस कार्य में एक छोटा पोकलेन और करीब 35 सफाई कर्मियों को कार्य पर लगाया गया है। वर्कआर्डर पर नाला सफाई का जिम्मा संभालने वाले ठेकेदार के मुताबिक अब तक उसके द्वारा करीब 12 नालों की सफाई कराई गई है। अभी आठ नालों की सफाई कराई जानी है। जबकि नगर पालिका के अधिकारी कहते है कि नालों की सफाई स्वयं नगर पालिका द्वारा कराई जा रही। इसके लिए मशीनों की मदद ली जा रही है और इस कार्य पर करीब तीस लाख रुपये व्यय होने की उम्मीद है।
बता दें कि इस माह के आरंभ में ही नगर पालिका प्रशासन ने सभी नालों की सफाई होने की रिपोर्ट जिलाधिकारी के सामने पेश की थी, जिसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट ने की थी तो हकीकत इसके उलट निकली। इतना ही नहीं जनअधिकार मंच के सदस्यों ने सोमवार को पत्रक देकर जिलाधिकारी से शहर के कई नालों की सफाई नहीं होने की शिकायत की थी।
मलबा को उठाने के लिए 48 से 72 घंटे का समय होता है, निर्धारित अवधि में मलबा को हटा दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित को निर्देशित कर दिया गया है। - सत्य प्रकाश सिंह, ईओ, नगर पालिका, बलिया