बलिया। डग्गामार वाहनों से परिवहन विभाग को काफी नुकसान हो रहा है। बिना परमिट दौड़ रही बसों को रोका तो नहीं जा सकता, इसलिए डग्गामार बसों को रोडवेज में अनुबंध करने की प्रक्रिया चल रही है। परिवहन मुख्यालय की ओर से जिले में सभी रूटों पर चलने वाले डग्गामार वाहनों की सूची मांगी गई है। डग्गामार वाहनों का परिवहन विभाग पर काफी असर पड़ रहा है।
ज्यादातर रूटों पर डग्गामार वाहन फर्राटे भर रहे हैं। परिवहन विभाग की ओर से कई बार डग्गामार वाहनों को बंद कराने की कोशिश की गई लेकिन विभाग की हर कोशिश नाकाम साबित हुई है। इसके बाद परिवहन विभाग ने नई कवायद शुरू की है।
विभाग की ओर से सभी रूटों पर डग्गामार वाहनों का सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद संबंधित बसों के मालिकों से वार्ता की जाएगी। उनके सामने बसों को अनुबंधित तौर पर लगाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। एआरटीओर विभाग और बलिया डिपो के अधिकारी संयुक्त रूप से रूटों पर डग्गामार वाहनों का सर्वे कर रहे हैं। इसके साथ ही एआरटीओ में कुछ बस मालिकों के साथ वार्ता भी की गई है। बलिया डिपो के एआरएम राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिवहन मुख्यालय की ओर से डग्गामार वाहनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी रूटों पर डग्गामार बसों का सर्वे कराया जा रहा है। डग्गामार बसों के मालिकों से रोडवेज में अनुबंध करने के लिए वार्ता की जाएगी।
हर 15 दिन में मांगी गई एक रूट पर डग्गामार वाहनों की सूची
परिवहन मुख्यालय की ओर से सभी डिपो से डग्गामार वाहनों की सूची मांगी गई है। इसके चलते डिपो को हर 15 दिन में एक से दो रूटों का सर्वे कर डग्गामार वाहनों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी रूटों पर सर्वे किया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर डग्गामार वाहनों को चिह्नित करने योजना पर कार्य चल रहा है। जो बसें रोडवेज के नियमों पर खरी उतरती हैं, उन्हें अनुबंधित में शामिल किया जाएगा। - अरुण कुमार राय, एआरटीओ प्रशासन, बलिया