ददरी मेला लगाने की मांग को लेकर नगर के भृगु मंदिर के सामने युवाओं का चल रहे आमरण अनशन के दौरान अनशक
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बलिया। ‘बलिया मांगे ददरी मेला’ के समर्थन में युवाओं द्वारा चलाया जा रहा अनशन मंगलवार को राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल के मेला लगाने के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। अनशनकारियों को मंत्री ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इसके पूर्व अनशन स्थल पर पहुंचे मंत्री के समक्ष अनशनकारी विकास पांडेय लाला, सागर सिंह राहुल, रूपेश चौबे, अंकित सिंह, धनजी यादव, रवि सोनी ने पांच सूत्रीय मांग रखी। जिसमें प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ददरी मेला का आयोजन कराने, मेला को राजकीय दर्जा प्रदान करने, पशु और ददरी मेला के लिये स्थायी भूमि आवंटित कराने और गंगा मार्ग को गंदगी मुक्त कराने की मांग शामिल थी। मांगों पर मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला लगाया जाएगा। कहा कि शीघ्र ही ददरी और पशु मेले के लिए स्थायी भूमि भी आवंटित करा दी जाएगी। राजकीय मेले के विषय पर कहा कि इसके लिए मैं पहले से ही वार्ता कर रहा हूं और शीघ्र ही मेले को राजकीय दर्जा प्राप्त होगा। गंगा मार्ग की सफाई को संज्ञान लेते हुए मंत्री ने लगे हाथ अनशनकारियों के साथ ही गंगा मार्ग का दौरा किया और नगर मजिस्ट्रेट, नगरपालिका के ईओ तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र गंगा मार्ग दुरुस्त करने का आदेश दिया। इस मौके पर रणवीर सिंह सेंगर, रजनीश पांडेय, अरुण सिंह, चंदन ओझा, जैनेंद्र पांडेय, अरुण कुमार, सुमित मिश्रा गोलू, विवेक ओझा, अभिजीत पांडेय, अंजनी चौबे बागी, अतुल पांडेय, धनंजय सिंह बिसेन, आदित्य सिंह, सौरभ पाठक, प्रशांत पांडेय रिंशू, सूरज तिवारी, निखिल पांडेय, प्रदीप भोला, आलोक भारती, अशोक गुप्ता, गोपाल, विवेक पांडेय आदि रहे। आभार अमित दुबे और संचालन अचिंत्य त्रिपाठी ने किया।
मंत्री ने बनाई पांच सदस्यीय समन्वय समिति
ददरी मेला के आयोजन को लेकर चल रहे आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने आयोजन को लेकर प्रशासन से समन्वय बनाने के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें विकास पांडेय लाला, सुमित मिश्रा गोलू, अमित दुबे, रूपेश चौबे और सागर सिंह राहुल शामिल हैं। टीम ददरी मेला के आयोजन को लेकर प्रशासन को सलाह और सुझाव देने के साथ-साथ समन्वय बनाने का काम करेगी।