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Ballia News: जिले में खुला साइबर थाना, ठगी के शिकार लोगों को राहत

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बलिया। साइबर अपराधों का शिकार होने वाले लोगों को अब रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पुलिस लाइन में स्थित साइबर सेल को अब साइबर थाने का दर्जा मिल गया है। सीएम योगी आदित्यमाथ ने लखनऊ से वर्चुअल के माध्यम से उद्घाटन किया। पांच लाख रुपये से ज्यादा के धोखधड़ी के मामले साइबर थाने में दर्ज होगा। इसमें भी 90 दिन के अंदर विवेचना पूरी करनी होगी। पांच लाख रुपये से कम के साइबर ठगी के मामलों को सभी थानों में लोकार्पित की गई साइबर सिक्योरिटी सेल में दर्ज किया जाएगा। पीड़ित लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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आने वाले दिनों में साइबर थाना निर्माण के लिए पुलिस क्लब के बगल में भूमि चिन्हित है। निर्माण के बाद हाईटेक संसाधन मौजूद होंगे। साइबर थाना होने के बाद सोशल साइट को हैक कर शोषण करने और धोखधड़ी कर बैंक खाते से पैसा निकालने वाले के खिलाफ पुलिस तत्परता दिखलाते हुए पैसा वापस करने के साथ अपराधियों पर नकेल कसेगी।

केस - 1

सदर कोतवाली के भृगु मन्दिर निवासी एक व्यापारी जनवरी में आन लाइन ठगों के लालच में फंस कर पैसा तीन गुना करने के चक्कर में तीन लाख रुपया गंवा चुका। खाते से पैसा कटने के बाद पैसा तीन गुना न होने पर पुलिस को शिकायत की।
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केस -2

उभांव थाना के तुर्तीपार निवासी छट्ठू यादव को अक्टूबर में आए फोन काल से पासपोर्ट भेजने के नाम पर लिंक भेजकर खाते से 53000 हजार रुपए निकाल लिया। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस थाना व बैंक में की। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।



साइबर ठगी से इस तरह से करें बचाव

फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें। कोई रुपयों की मांग करता है, तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें। बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं। साइबर ठगी होने पर 24 घंटे के अंदर इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

एक नजर आंकड़ों पर

2021 - 21.50 लाख रुपये
2022 - 28.72 लाख रुपये
2023 - 29.68 लाख रुपये
बैंक में होल्ड - 81 लाख रुपये
बदलते दौर में अपराधी हाईटेक हो गए हैं। लोगों को लालच दे उनके खाते से मेहनत की कमाई गायब कर दे रहे हैं। जिले में साइबर थाना व साइबर हेल्प डेस्क खुलने से साइबर क्राइम से पीड़ितों की तत्काल सुनवाई होगी। जिससे पैसा वापस हो जाएगा। - अनिल कुमार झा, एएसपी / नोडल साइबर क्राइम
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