हुकुम छपरा में निर्माणाधीन स्पर से टकराती गंगा नदी की उतरती लहरें।संवाद
मझौवां। गंगा नदी के जलस्तर में कमी के साथ ही पलटप्रवाह से कटान तेज हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को बचाने के लिए निर्माणाधीन स्पर के पास कटान तेज हुई है। जिससे मिट्टी की कटान और स्पर के कमजोर होने की आशंका है।
नेशनल हाईवे-31 की उत्तर दिशा में स्थित गांवों के लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पूरा इलाका कटान की चपेट में आ सकता है।
हुकुम छपरा निवासी उमेश यादव ने बताया कि रात में पानी की गर्जना से ऐसा लगता है कि जैसे गंगा गांव को निगलने आ रही हो। यह कहते हुए उनकी आंख भर आईं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया है।
जानकारों ने बताया कि पलटप्रवाह से कटान जैसी स्थिति होती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर सोमवार की शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर 57.450 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ ही नदी का जलस्तर आधा सेमी प्रति घंटे की दर से घट रहा है। गंगा नदी चेतावनी बिंदु 56.615 मीटर से ऊपर बह रही है।
चक्की नौरंगा में दो बीघे जमीन नदी में समाहित : मझौवां। चक्की नौरंगा में दो बीघा जमीन नदी में समा गई। दूबे छपरा में खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ विभाग के एक्सईएन संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जलस्तर नीचे खिसकने पर कटान का होना स्वाभाविक है।