बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के 10वें स्थापना दिवस पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को हुआ। प्रथम सत्र में पारंपरिक खेल समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ने जिला न्यायाधीश अनिल झा कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी परंपरा, पहचान, जीवन शैली और संस्कारों को जीवंत रखते हैं।
परिसर के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने वॉलीबॉल, खो-खो, रस्साकशी, बैडमिंटन में प्रतिभाग किया। खेल समारोह का उद्घाटन गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. नसीम अहमद और प्रो. आरके सिंह ने किया। क्रीड़ा समिति के सदस्यों ने समारोह का आयोजन किया, समन्वयक डॉ. विवेक यादव रहे। द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस सत्र के मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश अनिल झा, विशिष्ट अतिथि पुनीत गुप्ता अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, शैलेश पांडेय, सीजेएम, एडीएम राजित राम गुप्ता रहे।
ये कार्यक्रम समाज में एकता, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने की। संगीत विभाग के विद्यार्थी उमेश ने मुझे तुम याद आते हो..., प्रशांत ने भजन तेरी शरण में आ के मैं धन्य हो गया..., सुनीता ने जननायक का स्वप्न साकार हुआ बलिया में..., अजीत शर्मा ने मैं अकेले कुछ नहीं..., गीत प्रस्तुत किया। तबले पर संगत लवकेश और शिवेंद्र ने, ऑक्टोपैड पर सनी कुमार रहे। वर्षा, दीक्षा, सुनीति, पुनीता, अनामिका, दीपिका और सोनी ने नृत्य प्रस्तुत किया। संचालन सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. रजनी चौबे ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सरिता पांडेय ने किया। डॉ. नीरा गुप्ता, वित्त अधिकारी आनंद दुबे, कुलसचिव एसएल पाल, डॉ. पुष्पा मिश्रा, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अजय चौबे, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. प्रेमभूषण, डॉ. सौम्या उपस्थित रहीं।