बलिया। रक्षा बंधन पर ट्रेनों में शनिवार को भीड़ उमड़ पड़ी। कन्फर्म टिकट न मिलने से अनारक्षित कोच में क्षमता से तीन से चार गुना ज्यादा यात्री सवार दिखे। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों ने गेट पर लटककर यात्रा की। आरक्षित बोगी भी जनरल नजर आई।
रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व लखनऊ-छपरा, सारनाथ, सद्भावना एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें स्टेशन पर रुकीं तो उतरने वाले यात्री बेहाल दिखे। सबसे ज्यादा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हालत खराब थी। यात्रियों का कहना है कि जनरल और आरक्षित बोगियां सब एक समान हो गई हैं। दोपहर में पटना- बलिया मेमू में सवार होने के लिए गेट पर यात्रियों की लाइन लग गई। एक दूसरे को धकेलते हुए हर कोई भीतर जाने की कोशिश करने में लगा रहा। उतरने वाले यात्री के चिल्लाने के बावजूद चढ़ने वाले यात्री अंदर घुसने के चक्कर में जगह नहीं दे रहे थे। एसी, क्या स्लीपर, क्या जनरल, सभी बोगियां, खचाखच फुल रहीं। इस दौरान न तो कोई जीआरपी और न ही आरपीएफ के जवान दिखाई नहीं पड़ा।
रोडवेज बस से लेकर प्राइवेट वाहनों में रही भीड़ : बलिया। रक्षाबंधन के पर्व पर रोडवेज बस स्टैंड पर महिलाओं की सुबह से देर शाम तक भीड़ रही। बस स्टैंड पर जगह के अभाव व बारिश के बीच छुपने व बैठने की जगह न होने से महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़कों पर जगह-जगह जाम के चलते बसें काफी बिलंब से आ रही थीं। बस अड्डों से रवाना होने वाली हर बसें फुल रहीं। यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। बस में प्रवेश के लिए महिलाओं को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। खोरीपाकड़, माल्देपुर, गड़वार रोड़ कदम चौराहा, रोडवेज तिराहा, कुंवर सिंह व मिड्ढी वाहनों का लंबा जाम रहा।
बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव से पहुंचीं बहनें : नरहीं। गंगा की बाढ़ व बारिश के बाद भी बहनें बाढ़ क्षेत्र में प्रभावित अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधने के लिए पहुंचीं। शनिवार को भोर में चार बजे से मध्यम दर्जे की बारिश होती रही। चार घंटे हुई बारिश ने लोगों की राह रोक दी थी। बारिश में भी बहनें बाढ़ में डूबे गांव कुल्हाड़ियां, गंगहरा, रैया खाड़ी, सरवनपुर बस्ती, बेल्सीपाह गांवों में पहुंचकर अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधी। सरवनपुर बस्ती में बक्सर के चौसा से पार्वती गांव के सामने से नाव पर सवार होकर घर पहुंच कर भाई अभिषेक साहनी को राखी बांधी। यह देख भाई भी बड़ा खुश हुआ और बहन का स्वागत किया। बिहार से आई संजू ने अपने भाई सुरेश राजभर, गाजीपुर जिले से पिंकी भाई अखिलेश यादव को रक्षा का सूत्र बांधा। संजू ने अपने भाई छोटू को राखी बांधने के बाद भाई का मुंह मीठा कराया। बहनें राखी बांधने के बाद अपने घर नाव से चली गईं। यहां ससुराल में रह रही महिलाएं भी नाव से उतर कर अपने मायके गईं।