सुखपुरा चौराहा पर शुक्रवार की रात बोलेरो और ट्रक के टक्कर के बाद घर में घुसे ट्रक की जद में आने से एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। एडीएम बच्चा लाल मौर्य ने मृतक के परिजनों को चार लोहिया आवास तथा आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। लेकिन दूसरे दिन रविवार की शाम तक कोई अधिकारी पीड़ित के दरवाजे पर नहीं पहुंचा था।
शुक्रवार की रात सुखपुरा चौराहे पर एक ही परिवार की चार लोगों की मौत जैसी हृदय विदारक घटना के बाद चार मासूम आशीष, अनीता, छट्ठू और मुनिया बच गई है। अब इन बच्चों का सहारा प्रशासन द्वारा किए गए वादे से मिलने वाले सहयोग पर टीकी है। जिला प्रशासन ने चारों शवों के अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपया तथा लकड़ी मुहैया कराया था।
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अब प्रशासन को वादे के मुताबिक आर्थिक सहयोग और लोहिया आवास उपलबध कराना है। लेकिन प्रशासन द्वारा मिलने वाले सहयोग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए रविवार को दूसरे दिन शाम तक प्रशासन का कोई व्यक्ति पीड़ित परिवार के दरवाजे पर नहीं पहुंचा था।
भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मृतक उमाशंकर के परिवार के सदस्यों से मिले। उन्होंने तेरह हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। मृतक के बच्चे अभी भी पूरी तरह से सदमे में हैं। उधर ट्रक के टक्कर से ध्वस्त होने के बाद मकान का बचा अन्य हिस्सा भी कभी ध्वस्त हो सकता है।