महेंद्रा गांव निवासी रामानंद मिश्र (56) की बदमाशों ने धारदार हथियार से हत्या कर लाश मानकिपुर मौजा स्थित ट्यूबवेल के पास फेंक दी। शुक्रवार की सुबह सूचना मिलते ही मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए। बदमाशों ने कितनी बेहरमी से रामानंद की हत्या की, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी दोनों बाहें और पैर काट दिए गए थे। उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए 50 से अधिक जख्म के निशान पाए गए। उनके भाई की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
मनियर के मानिकपुर मौजा स्थित ट्यूबवेल के पास शुक्रवार की सुबह महेंद्रा गांव निवासी रामानंद मिश्र का खून से लथपथ शव मिला। किसी ने इसकी सूचना गांव के लोगों को दे दी। थोड़ी ही देर में परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रामानंद के गले और चेहरे पर 12 से अधिक वार किए गए थे।
हमलावरों ने उनके दोनों पैर और दोनों बाहें भी काट दी थीं। सीने से लेकर कमर तक जगह-जगह गहरे जख्म के निशान थे। इससे लग रहा था कि उन्हें बड़ी बेहरमी से मारा गया है। पुलिस को शव के पास एक मोबाइल और एक रेजर पड़ा मिला है।
मनियर थानाध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने बताया कि रामानंद के भाई परमानंद मिश्र की तहरीर पर दो लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
उनके परिवार में पत्नी शकुंतला देवी और बड़े भाई परमानंद मिश्र हैं। बड़े भाई अविवाहित हैं, जबकि रामानंद मिश्र को कोई संतान नहीं है। गांव वालों की मानें तो करीब चार एकड़ जमीन के मालिक रामानंद सीधे-साधे स्वभाव के थे। उनकी किेसी से दुश्मनी नहीं थी, फिर भी उनकी निर्ममता से हत्या कर दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पुलिस तफ्तीश कर रही है।