छोटा शकील बनकर भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष ओंकारचंद्र सोनी से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह के दो और सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद इनके नेटवर्क के बारे में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। इस गैंग का दायरा दिल्ली से केरल तक फैला है। मोबाइल और नेट की बारीक जानकारी रखने से ये पुलिस के सर्विलांस पर भी जल्दी नहीं आ पाते थे।
सिकंदरपुर सीओ सुरेशचंद्र रावत ने लखनऊ में पकड़े गए दोनों बदमाशों के बारे में जानकारी देते हुए पत्रकारों को बताया कि ओंकार सोनी से रंगदारी मांगने के मामले में एएसपी के निर्देशन में तीन टीमें गठित की गई थीं। इस मामले में दो बदमाशों दीपक और उत्कर्ष रंजन सिंह को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
जबकि दो आरोपी सीतापुर जिले के लोनियन का पुरवा निवासी मोनू रस्तोगी और रानी कोठी निवासी राहुल रस्तोगी फरार थे, जिन्हें बाद में लखनऊ में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने लागर यंत्रों की मदद से फोन कर कई प्रांतों में रंगदारी वसूलने की बात स्वीकार की है।
सीओ ने बताया कि पुलिस टीम आईपी एड्रेस के आधार बदमाशों तक पहुंच सकी। पूछताछ में आरोपियों ने दिल्ली और केरल कीदो टेली कम्युनिकेशन फर्मों से भी संबंध होने की बात स्वीकार की है। लखनऊ में बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम में सीओ सुरेशचंद्र रावत,, एसओ संजय द्विवेदी, चौकी प्रभारी मोती लाल पटेल तथा स्वाट टीम प्रभारी राजकुमार सिंह शामिल थे।