जिला अस्पताल में सोमवार को फाइलेरिया विभाग में तैनात एक लिपिक को अधिकारी का मोबाइल नंबर नहीं बताने पर एक ठेकेदार जमकर पीट दिया। इससे उसकी हालत गंभीर है।
इलाज के लिए सदर अस्पताल से उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। मामला पुलिस तक पहुंचा लेकिन राजनितिक हस्तक्षेप के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद लिपिक संवर्ग में नाराजगी व्याप्त है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय अंतर्गत फाइलेरिया विभाग में गोपाल लिपिक के पद पर तैनात है। मंगलवार को उसके पास एक ठेकेदार किसी अधिकारी का मोबाइल नंबर मांगने पहुंचा था। लिपिक ने बताया कि अधिकारी का नंबर उसके पास नहीं है।
इतना सुनते ही ठेकेदार आग बबूला हो गया और लिपिक की जमकर धुनाई कर दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान अस्पताल में अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद कर्मचारियाें ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकाें ने स्थिति गंभीर देख वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
आरोपी ठेकेदार को एक राजनीतिक दल का संरक्षण प्राप्त है। उधर घटना के समय ही साथी कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप से कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना को लेकर लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।