मऊ के बसपा नेता परशुराम तिवारी और उनके पिता विंदेश्वरी तिवारी की हत्या
के मामले में उभांव पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र एसीजीएम
न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
पुलिस हत्याकांड में शामिल एक शूटर की तलाश
अभी भी जारी है। साथ ही मृतक के पास से लूटी गई लाइसेंसी रिवाल्वर की भी
तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना का कारण भूमि विवाद बताया जा रहा
है।
मऊ के मधुबन थाने के बांसतराव ग्राम निवासी बसपा नेता परशुराम
तिवारी और उनके पिता विंदेश्वरी तिवारी के इसी साल 31 अगस्त को उभांव थाना
क्षेत्र के तुर्तीपार शमशान स्थल के निकट गोली मारकर हत्या क र दी गई थी।
मामले में पुलिस ने शूटरों को सूचना देने वाले स्वामीनाथ तुरहा को पकड़कर
पूछताछ शुरू की। शिकंजा कसने के बाद घटना में शामिल आठ आरोपियों में से छह
ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
इनमें से पांच आरोपियों ने बलिया
एसीजेएम प्रथम के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। इन आरोपियों से पुलिस
रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी।
इस दौरान एक आरोपी सोनू की निशानदेही पर
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त रिवाल्वर को देवरिया जनपद के भागलपुर से पहले
ही बरामद कर लिया था। लूटी गई रिवाल्वर को पुलिस अब भी तलाश रही है।
घटना
में शामिल बबलू भी कुछ दिन पहले मऊ के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।
उसे रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने आवेदन दिया है।
पूर्व में आरोपी
संपूर्णानंद और अरुण सिंह को भी पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। दोनों
ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया था। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार
मिश्र ने बताया कि आरोपी राजेश सिंह,
अनूप सिंह, सोनू, अजय सिंह, अरुण
सिंह, बबलू तथा संपूर्णानंद के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया
गया है। मुख्य शूटर के साथ ही घटना के समय बसपा नेता से लूटी गई रिवाल्वर
की तलाश जा रही है।