पकड़ी थाना क्षेत्र के कौआ कड़सर गांव के समीप स्थित ईंट भट्ठे पर रविवार रात दर्जनभर हथियारबंद लुटेरों ने भट्ठा संचालक और मुनीम को बंधक बनाकर एक लाख से अधिक रुपये लूट लिए। महिला मजदूरों के कपड़े फाड़े और कान, नाक, गले और हाथ के आभूषण तक उतरवा लिया।
विरोध करने पर मजदूरों की पिटाई की। लुटेरों ने भट्ठा मालिक को जान से मारने की धमकी भी दी। लुटेरों के जाने के बाद किसी तरह भट्ठा संचालक ने सूचना पुलिस को दी। भट्ठा मालिक ने मामले में 12 नामजद लोगों के विरुद्ध तहरीर दी है।
गड़वार थाने के मदनपुरा निवासी प्रभुनाथ यादव 15 साल से पकड़ी थाने के कौआ कड़सर गांव में ईंट भट्टा चलाते हैं। रविवार देर रात 12 की संख्या में बदमाश पहुंचे और सो रहे मुनीम सत्यदेव तिवारी को बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया।
मुनीम के पास से मोबाइल और आठ हजार रुपये लूट लिए। इसके बाद बगल में सो रहे किशनदेव राजभर को जगाया और उसे सो रहे भट्ठा मालिक के पास ले गए। बदमाशों ने असलहा सटाकर प्रभुनाथ को भी बंधक बना लिया।
भट्ठा संचालक की मोबाइल लूटने के बाद उनके पास से एक लाख रुपये भी लूट लिए। फिर लुटेरे भट्ठा मालिक के पास सो रही महिला मजदूरों को भी जगाया और असलहे के बल पर उनके कान, नाक, गला और हाथ में मौजूद आभूषण लूट लिए।
महिलाओं के विरोध पर उनके शरीर के कपड़े तक फाड़ दिए। लुटेरों ने एक घंटे तक तांडव मचाया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को देने पर ईंट भट्ठा मालिक को जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
भट्ठा मालिक ने तहरीर में बताया है कि एक माह पूर्व गौरी निवासी रामू राजभर से कहासुनी हुई थी। उसने देख लेने की धमकी दी थी। इस बाबत पकड़ी थानाध्यक्ष दीप नारायण सरोज ने कहा कि भट्ठे पर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है।
मामले की छानबीन जारी है। जल्द मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उधर भट्ठे पर
सहमी महिला मजदूर काम छोड़कर घर जाने को सोच रही हैं। उनका कहना है कि जब मालिक ही सुरक्षित नहीं हैं तो वे कैसे सुरक्षित रहेंगीं।