अब थाने तथा कोतवाली में पुलिस की मनमानी नहीं चल सकेगी। थाने के प्रभारी के फील्ड में होने की बात कहकर किसी भी पीड़ित को नहीं भगाया जा सकता है। अब हर थाने पर प्रतिदिन हरसमय एक डेस्क प्रभारी तैनात मिलेगा। जो लोगों की पीड़ा सुनने के बाद उसमें मुकम्मल कार्रवाई करवाएगा।
प्राय: देखने में आता है कि थानों पर जनता के व्यक्ति जब अपनी फरियाद लेकर जाते है। तो यदि थाना प्रभारी थाने पर मौजूद नहीं है तब थाने पर उसकी सुनवाई प्रभावी रूप से नहीं हो पाती है। कभी-कभी ऐसी भी स्थिति रहती है कि थाने पर दिवस अधिकारी जो कि उपनिरीक्षक स्तर का होता है, को भी कानून व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिये बाहर जाना पड़ता है।
ऐसी दशा में थाने पर कोई गंभीर प्रकरण आने पर तत्काल कार्यवाही नहीं हो पाती है। इस स्थिति से निजात पाने के लिये इस जनपद में डेस्क अधिकारी प्रणाली लागू की जा रही है। जिसमें थाना कार्यालय पर तैनात हेड मुहर्रिर/कांस्टेबिल मुहर्रिर में एक मुंशी को प्रतिदिन थाना प्रभारी द्वारा डेस्क अधिकारी के रूप में नामित किया जायेगा।
यह डेस्क अधिकारी एक लाल रंग का पट्टा पहनेगा, जिस पर डेस्क अधिकारी लिखा होगा। इस डेस्क अधिकारी का उत्तरदायित्व होगा कि थाना प्रभारी के गैरमौजूदगी में थाने पर आने वाली जनता के लोगों द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र पर आवश्यक कार्यवाही करें जैसे कि पीड़ित/मार-पिटाई का मजरूब व्यक्तियों का मेडिकल कराये एवं साथ ही साथ थाना प्रभारी अथवा दिवसीय अधिकारी उपनिरीक्षक के थाने पर वापसी बाद उनकी गैरमौजूदगी कें वह सभी प्रकरणों से थाना प्रभारी को अवगत कराये ताकि थाना प्रभारी कार्यवाही कर सकें।
थाने पर जाने वाले फरियादी को यदि थाने पर नहीं सुना जाता है तो वह इस लाल पट्टेधारी कर्मचारी डेस्क अधिकारी के बारे में थाने पर पता करके सम्पर्क कर सकता है और अपना प्रार्थना पत्र दे सकता है। शासन के फरमान के मुताबिक समस्त डेस्क अधिकारियों का उत्तरदायित्व इस प्रक्रिया से फिक्स रहेगा। यदि ऐसा प्रकरण संज्ञान में आए कि जनता का कोई व्यक्ति गया। प्रार्थना पत्र दिया एवं यदि प्रकरण तत्काल कार्यवाही से सम्बन्धित है तब भी डेस्क अधिकारी द्वारा उसमें कोई नहीं कराया तो ऐसे प्रकरणों में डेस्क अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल कार्यवाही की जायेगी। रविवार को सभी थाना प्रभारियों को अपराध गोष्ठी में निर्देशित किया है कि इस डेस्क अधिकारी प्रणाली को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करायें, जिससे समस्याआं का प्रभावी ढंग से निस्तारित हो सकें।