बलिया। बांसडीह तहसील में लेखपालों की मीटिंग के दौरान जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र को छोड़ने में देरी को लेकर गुरुवार शाम को भासपा कार्यकर्ता व लेखपालों में मारपीट हो गई। जिला लेखपाल संघ के अध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह के आह्वान पर बांसडीह तहसील परिसर में लेखपाल द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। धरना देर रात चलता रहा। उपजिलाधिकारी बांसडीह अनिल कुमार चतुर्वेदी की पहल पर देर रात लेखपालों की मांग पर एफआईआर दर्ज करने पर मामला शांत हुआ।
बता दें कि गुरुवार को गोंड जाति का तहसील पर धरना चल रहा था की इस बीच लेखपालगण तहसील के मीटिंग हाल में बैठे थे। इस बीच में भासपा नेता गजेंद्र राजभर के साथ कुछ और नेतागण जाति प्रमाणपत्र को छोड़ने में देरी होने को लेकर तहसील अध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह से बात करने लगे और बात करते करते दोनों आपस मे भिड़ गए। लेखपाल संघ के अध्यक्ष ने कहा कि अभी हम लेखपालों की मीटिंग चल रही है। आप बाद में बात कीजियेगा। तब तक लेखपाल व नेताओं में बहस व हाथापाई शुरू हो गई। देखते देखते यह मामला विकराल रूप ले लिया और दोनों में मारपीट शुरू हो गई । लेखपाल लोग नेताओं की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए । उपजिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर देररात प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्रिपाठी ने तहसील अध्यक्ष निर्भय नारायन सिंह के तहरीर पर तीन नामजद गजेंद्र राजभर, लालजी राजभर व नरेंद्र राजभर व 10 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 504, 506, 353, 427, 379 के तहत सरकारी कर्मचारी से दुर्व्यवहार, अभिलेख फाड़ने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।