बलिया। जिले में सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग रहा है। जिसकी वजह से सड़क हादसों में खासा इजाफा हुआ है। जनवरी से जुलाई के बीच के आंकड़े बताते हैं कि 170 सड़क हादसों में 87 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इतना ही नहीं भारी वाहनों की रफ्तार नगरी क्षेत्र में भी कम नहीं होने से राहगीरों में दहशत है। नगर व कस्बा में चार पहिया व बाइक की स्पीड मानक से दोगुनी है। स्थानीय पुलिस की उदासीनता के चलते ऐसे वाहन चालकों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
परिवहन व यातायात विभाग की माने तो नगर व कस्बा समेत भीड़-भाड़ इलाके में चार पहिया व बाइक की अधिकतम स्पीड 20 किमी होनी चाहिये। जबकि आउट साइड में पहले 40 किमी था, जिसे अब 45 किमी कर दिया गया है। लेकिन चार पहिया या बाइक चालक सिविल पुलिस, यातायात पुलिस व परिवहन विभाग के उदासीनता के कारण मानक से दोगुनी स्पीड में नगर व कस्बा में वाहन चलाते है। जिसके चलते जनपद में सड़क हादसे की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है। पुलिस हेलमेट, तीन सवारी, डीएल, सीट बेल्ट, गाड़ी के कागजात आदि की जांच कर कार्रवाई तो करती है। लेकिन तेज रफ्तार वाहन चालकों के विरूद्ध कार्रवाई कम ही होती है। यातायात विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाय तो जनवरी 2017 से 15 जुलाई तक कुल 170 सड़क हादसे हुए, जिसमें 87 लोगों ने अपनी जाने गवाई, जबकि 83 लोग गंभीर रुप से जख्मी हुए। हादसे बढ़ने के बावजदू पुलिस व परिवहन विभाग उदासीन बना हुआ है।
इस बाबत नवागत पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि शीघ्र ही अभियान चलाकर मानक से अधिक गति पर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
इनसेट...
रसड़ा में हादसे सबसे अधिक
बलिया। आकड़ाें पर गौर करें तो जनपद में जुलाई 2017 से अब तक सबसे अधिक सड़क हादसे रसड़ा क्षेत्र में हुए हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर उभंाव थाना अंतर्गत हुआ है। जबकि तीसरे नंबर फेफना थाना, चौथे नंबर पर सुखपुरा तथा पांचवे नंबर पर बैरिया थाना अंतर्गत हुआ है। इस प्रकार जनपद के 22 थानों में रसड़ा कोतवाली नंबर एक पायदान पर है।