बलिया/हल्दी। जिले में अब छोटे सिक्के बंद होने की अफवाह से आए दिन दूकानदार और ग्राहकों में किचकिच होने लगी है। नगर के बाजार सहित दूकानों पर मारपीट की नौबत तक आ जा रही है। ऐसे में छोटे सिक्के लेकर लोग इधर-उधर भटक रहे हैं।
नगर के बाजारों में भी छोटे सिक्के के लेन-देन में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दूकानदार साफ तौर पर सिक्के लेने से मना कर दे रहे हैं। ऐसे में एक दो रुपये का सामान मिलना भी मुश्किल सा हो गया। नगर के बाजारों मेें आए दिन सिक्के लेने के लिए तू-तू, मैं-मैं होने लग रही है। लेकिन प्रशासनिक हस्तक्षेप न होने के चलते अब तक यह एक पहेली बनी हुई है कि आखिर छोटे सिक्के लेने में कौन सी दिक्कत आ रही है। जिससे की सब्जी बाजार के साथ ही बड़े दूकानदार उसे लेने से मना कर रहे हैं। विकास खंड बेलहरी के गांवों, बाजारों व चट्टी-चौराहे के दूकानदारों द्वारा एक का सिक्के लेने से साफ इनकार किया जा रहा है। जिस कारण ग्राहकों व दूकानदारों के बीच तू- तू, मैं- मैं आए दिन हो रहे हैं।
ग्राहकों का कहना है कि सरकार ने इन नए सिक्कों को बंद नहीं किया है तो दूकानदार क्यों लेने से मना कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद से सिक्कों की संख्या बाजार में काफी हो गया है। जो सबके लिए मुसीबत बन गया है। ऐसे में दूकानदारों व ग्राहकों द्वारा इस तरह की अफवाहों पर अधिकारियों को अंकुश लगाना बहुत ही जरूरी हो गया है। आठ नवंबर 2016 को जब नोटबंदी लागू हुआ तो छोटे नोट व सिक्कों का क्रेज बढ़ गया। इस दौरान जब पैसे को लेकर हाय-तौबा मचा तो औरतें घरों के गुल्लक में रखे पैसे को निकाल कर अपनी जरुरतों को पूरा करने लगी, दुकानदारों को भी जरूरत थी। वे भी बड़े चाव से खुल्ला पैसा बटोरने में लग गए। इसके बाद भी दिक्कतें नहीं गई तो सरकार ने मंदिरों के दान पेटियों से सारा चिल्लर बाहर निकलवाने का काम किया। ग्राहक दुकानदारों पर मनमानी करने का आरोप लगा रहा है तो वहीं दुकानदारों का कहना है कि जब कोई छोटे सिक्कों को ले नहीं रहा है तो हम लोग लेकर क्या करेंगे। सिक्कों को लेकर ग्राहक व दूकानदारों ने हो रही किचकिच
दुबहर क्षेत्र में एक और दो रुपए के सिक्कों को लेकर छोटे-बड़े दूकानदारों एवं ग्राहकों में किचकिच हो रही है। ब्यासी ढाला निवासी व्यवसायी पन्नालाल गुप्ता और सामाजिक चिंतक बब्बन विद्यार्थी ने कहा कि सिक्का न लेना भारतीय मुद्रा का अपमान है।
कोट
सिक्कों के बंद होने जैसे कोई बात नहीं है। अगर कोई कहता है तो यह ठीक नहीं है। जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में सिक्का जमा होता है। बब्बन यादव, शाखा प्रबंधक एसबीआई, हल्दी
कोट
केंद्र सरकार या आरबीआई ने ऐसा कोई प्रावधान छोटे बड़े सिक्कों के लिए नहीं जारी किया है। अगर कोई दूकानदार सिक्के लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है। जिसके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। बैंकोें के लिए भी सर्कुलर जारी कर सिक्के जमा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
= डीके सिन्हा, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक