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= अमर उजाला फालोअप=

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नगरा। थाने की पुलिस द्वारा चोरी की 54 बैट्रियों को बरामद करने के बाद क्षेत्र के रसूखदारों में हड़कंप मचा हुआ है। आलम यह है कि सभी रसूखदार अपने-अपने सूत्रों से थाने में खुद का नाम पता करवा रहे हैं। बुधवार को अमर उजाला में प्रकाशित ‘बलिया में एक करोड़ की चोरी की बैट्री बरामद’ के बाद रसूखदारों की नींद हराम है। पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों के विरुद्ध हत्या का प्रयास, चोरी का सामान बेचने तथा आर्म्स एक्ट के तहत चालान किया है।
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मुखबिर की सूचना पर नगरा पुलिस एवं स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से 18 सितंबर की रात क्षेत्र के नरही गांव के एक घर में चोरी की रखी 11 बैट्रियों को के साथ दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने बेची गई 43 और बैटरियों को क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से बरामद किया और मामले में दो और को धर दबोचा। इसमें नगरा पुलिस ने नगरा निवासी व जिला पंचायत सदस्य रामजी यादव, चचया निवासी रंजीत, नगरा निवासी किट्टू सिंह तथा नरहीं निवासी विनोद सिंह को गिरफ्तार कर संबधित धाराओं में चालान कर दिया। इनके पास से पुलिस ने चोरी की 54 बैट्री के साथ तीन मशीन तथा एक तमंचा, एक खोखा कारतूस बरामद किया। नगरा एसओ सुरेश सिंह की माने तो चोरों ने पूछताछ में बताया कि वे मऊ, आजमगढ़, अकबरपुर आदि जिलों से टावरों के बैट्रियों को चोरी कर लाते थे और जिला पंचायत सदस्य रामजी यादव तथा बिट्टू सिंह कबाड़ी के यहां बेच देते थे। एसओ ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य के दूकान से चोरी की 21 तथा बिट्टू सिंह के दूकान से 24 बैट्रियों को बरामद किया गया है। इसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन बिट्टू सिंह अब भी फरार है। जिसकी तलाश जारी है।
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गाड़ियों व घरों से निकाल नहर व तालाब में बैट्री फेंकना किया शुरू
नगरा। क्षेत्र के रसूखदार चोरी की बैट्रियों को अपने घरों में लगाकर गर्मी से राहत पाते हुए इतराते थे। लेकिन बैट्री और चोरों के पकड़े जाने के बाद रसूखदारों में हड़कंप मच गया है। आलम यह है कि रसूखदार अपनी महंगी गाड़ियों व घरों में लगाई गई चोरी की बैट्रियों को नहर व तालाब में फेंकना शुरू कर दिए हैं। सूत्रों की माने तो पुलिस के पास इन रसूखदारों की लंबी सूची है और पुलिस इनके बारे में जांच पड़ताल भी करना शुरू कर दी है।
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और भी हो सकते हैं गिरफ्तार
नगरा। करीब एक करोड़ की बैट्री चोरी के मामले में पुलिस पकड़े गए चोरों से पूछताछ के बाद और लोगों को भी पकड़ सकती हैं। यही नहीं उस तह तक जाना चाहती है, जो इसका मुख्य सरगना है। इसके साथ ही इस गिरोह में कौन-कौन और लोग शामिल है। इन सब बिंदुओं पर पुलिस पूछताछ कर रही है।
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सामान्य इनवर्टर व चार्जर से नहीं हो सकती बैटरी चार्ज
नगरा। पुलिस की मानें तो चोरी की बैट्रियों को चोर रसुखदारों को 10 से 15 हजार में बेच देते थे। लेकिन यह बैट्री सामान्य इनवर्टर व चार्जर से चार्ज नहीं होती। बल्कि हैवी इनवर्टर या इलेक्ट्रिक चार्जर से चार्ज करते होंगे। अन्यथा कोई अन्य जुगाड़ से करते होंगे। क्योंकि यह बैट्रियां बहुत हैवी है।
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