बलिया। मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग भारत सरकार व जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु मांगने वाली सहतवार थाना क्षेत्र के एक गांव की पीड़ित किशोरी ने बुधवार की शाम महिला अस्पताल आते वक्त एम्बुलेंस में पुत्र को जन्म दिया। परिवार वालों ने उसे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया। बच्चे का इलाज अस्पताल के एसएनसीयू में चल रहा है, परिवार और चिकित्सकों के समझाने के घंटों बाद पीड़िता ने अपना इलाज करवाया। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचे और जच्चा-बच्चा के बारे में चिकित्सक से पूछताछ की।
मालूम हो कि सहतवार थाना क्षेत्र के एक गांव की सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने 30 अगस्त को मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग व जिलाधिकारी को पत्रक भेजकर इच्छामृत्यु की मांग की थी। जिसमें उल्लेख किया था कि 10 अप्रैल की दोपहर मेरे घर पर कोई नहीं था। इस दरम्यान गांव की ही मेरी सहेली किरन पुत्री पलटू गोंड आई और अपने घर लेकर गई। जहां पहले से मौजूद किरन के बड़े पिता का लड़का सिंटू गोंड पुत्री गुप्तेश्वर गोंड तथा धनंजय शर्मा उर्फ टुन्नू शर्मा पुत्र साधु शर्मा ने चाकू की नोक पर सामूहिक दुष्कर्म किया। वहीं किरन दरवाजे पर बैठी रही। दोनों ने धमकाया कि अगर मुंह खोला तो तुम्हारे परिवार को जाने से मार देंगे। इनके भय के कारण किसी को कुछ नहीं बताया। गर्भवती होने का एहसास हुआ तो माता-पिता को आपबीती सुनाई। तो उन्होंने नौ अगस्त को थाने में किरन, सिंटू व धनंजय के विरूद्ध पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई पुलिस के भय से आरोपी सिंटू ने एडीजे प्रथम के कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया था, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। वहीं आरोपी किरन को भी जेल भेजा गया। जबकि आरोपी धनंजय अभी भी पुलिस पकड़ से दूर है।
कोट
पीड़ित किशोरी को जिला प्रशासन की तरफ से आर्थिक सहायता दी गई है। शासन को भी पत्र लिखा गया है, जहां तक दुष्कर्म का मामला है तो उसकी विवेचना चल रही है।
निखिल टीकाराम फुंडे, एसडीएम सदर