बलिया। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म मामले में दोषी को दस साल कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय बीके लाल की अदालत ने आरोपी के खिलाफ दोषी साबित होने पर दस वर्ष की सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी वादिनी ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 19 फरवरी 2014 को करीब साढ़े सात में उसकी 15 वर्षीय बेटी को भाग गए। इस आशय का आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को गलत धंधे में फंसा न दिया जाय। मोबाइल नंबर से ही बात किया तो पता चला कि उसकी बेटी आरोपियों के साथ है। दौरान विवेचना पुलिस ने अभियुक्त छोटे के खिलाफ भादवि की धारा 366,363, 376 के तहत आरोप पत्र प्रेषित किया। जहां पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी छोटे के खिलाफ अंतर्गत धारा 376 भादवि का आरोप सही पाया गया। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दस वर्ष की कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक साल की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। अर्थदंड की धनाराशि जमा होने पर उसमें से 20 हजार रुपये प्रतिकर के रुप पीड़िता को देनी होगी।