बलिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन में दीवानी न्यायालय प्रांगण में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन रविवार को किया गया। जिसमें कुल 1337 वादों का निबटारा आपसी सुलह-समझौते तथा अर्थदंड के रूप में एक लाख 69 हजार 570 रुपये जमा कराकर किया गया।
जनपद न्यायाधीश मोहम्मद असलम के न्यायालय में मोटर क्लेम के छह वादों का निस्तारण किया गया। जबकि दो अन्य वादों का निस्तारण भी इसी अदालत में हुआ। एडीेजे प्रथम के न्यायालय में मोटर क्लेम का एक तथा फौजदारी के पांच मुकदमों का निस्तारण किया गया। एडीजे द्वितीय आलोक पराशर के न्यायालय में फौजदारी के दो तथा मोटर क्लेम तथा एक-एक अन्य वादों का निस्तारण किया गया।
विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत में दो फौजदारी वादों का निस्तारण हुआ। अपर न्यायाधीश एफटीसी तृतीय श्रीमती मनोरमा की अदालत में भरण-पोषण के दो मामलों का निबटारा किया गया। सीजेएम अमित मालवीय के न्यायालय में 752 फौजदारी के साथ ही एक लाख 36600 अर्थदंड जमा कराए गए। सिविल जज मृदुल दूबे की अदालत में उत्तराधिकार के 40 वादों का निबटारा किया गया। इसी तरह एसीजेएम प्रथम की अदालत में फौजदारी के दो वाद के साथ ही एमवी एक्ट के 32 मामलों का अर्थदंड जमा कराकर कराया गया। इसके अलावा अन्य अदालतों में वादों का निबटारा किया गया।