बैरिया। बाढ़ राहत सामग्री बेचने के प्रयास में तहसील प्रशासन ने आरोपी लेखपाल राधेश्याम वर्मा को निलंबित कर दिया है। इस मामले में तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा की तहरीर पर लेखपाल, गोपालनगर प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके विवेचना रेवती पुलिस कर रही है। शुक्रवार को एक आरोपी पिकअप चालक वीरेंद्र यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। उधर, एसडीएम बैरिया लालबाबू दुबे के आदेश पर गोपालनगर पहुंचे कानूनगो सियाराम यादव और लेखपाल मोतीलाल गुप्ता ने बाढ़ राहत केंद्र के रूम का ताला खोलकर स्टाक मिलान करने में जुटे।
इस मामले में लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद एसडीएम बैरिया ने लेखपाल राधेश्याम वर्मा को निलंबित करने के बाद विभागीय जांच तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा को सौंपा है। बाढ़ राहत सामग्री पकड़े जाने के बाद लेखपाल द्वारा चार नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ दी गई तहरीर भी संदेह के घेरे में आ गई है। सबसे मजे की बात यह है कि तहसील के अभिलेखों के मुताबिक, बाढ़ राहत सामग्री में अंतिम बार 11 सितंबर की सुबह सिर्फ आलू और लाई दिया गया था। जबकि पूरी सामग्री 10 सितंबर को ही लेखपाल को प्राप्त करा दिया गया था। इससे साफ स्पष्ट हो रहा है कि रात में बाढ़ राहत सामग्री भरी पिकअप शिवाल गांव के सामने पकड़े जाना दोष सिद्ध कर रहा है। अभियुक्त लेखपाल ने तहरीर में उल्लेख किया है कि एक बजे रात में मुझे बंधक बनाकर 100 पाकेट बाढ़ राहत सामग्री लूट लिया गया। एसडीएम बैरिया लालबाबू दुबे ने बताया कि अगर लेखपाल को बंधक बनाया गया था तो उसने रात में ही सूचना क्यों नहीं दी? कहा कि जांच चल रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके विरूद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया कि लेखपाल को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबन किया गया है। उधर, कानूनगो सियाराम का कहना है कि आलू और लाई अलग है। इसलिए स्टाक मिलान में दिक्कत हो रही है। इससे पहले बाढ़ पीड़ितों में बाढ़ राहत पैकेट वितरण किया जा रहा है। वितरण के बाद स्टाक मालूम हो जाएगा। वहीं, आरोपी ग्राम प्रधान प्रदीप यादव ने बताया कि घटना के दिन से ही मैं इलाहाबाद में हूं। बाढ़ राहत सामग्री तहसील से लेखपाल ने प्राप्त किया था। इसका हिसाब-किताब लेखपाल के पास ही है। मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। कहा कि मेरे बड़े भाई जो गोपालनगर में पोस्टमास्टर हैं, उन्हें भी बेवजह फ़ंसा दिया गया है।