बलिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी से बुधवार की रात घर लौट रहे चिकित्सक के साथ अराजकतत्वों ने मारपीट की। मामले में पीड़ित चिकित्सक के तहरीर पर पुलिस ने एक युवक के विरुद्घ नामजद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद गुुुरुवार को चिकित्सकीय टीम ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपी की गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग की। जिस पर अधिकारी द्वय ने आरोपी की गिरफ्तारी व सुरक्षा का आश्वासन दिया। जबकि चिकित्सक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को अस्पताल के चिकित्सक हड़ताल पर चले गए, जिससे ओपीडी सेवा ठप रही।
तहरीर में चिकित्सक परविंदर कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार की रात नशे में चूर दो अराजकतत्व पहुंचे और वहां किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद युवकों ने दुर्व्यवहार किया। वहां मौजूद लोगों ने समझा-बुझाकर मामले को शांत करवा दिया। मामला शांत होने के कुछ देर बाद चिकित्सक अपने स्कूटी से रामपुर महावल होते हुए चंद्रशेखर नगर में मौजूद अपने आवास पर जा रहे थे। जैसे ही वह मंशा बाबा स्थान के समीप पहुंचे कि पहले से घात लगाकर बैठे दोनों अराजकतत्वों ने गाड़ी रुकवाकर मारपीट की। गुरुवार को घटना की जानकारी होते ही अस्पताल के सभी डाक्टर लामबंद हो गये और ओपीडी बंद कर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद पीड़ित डाक्टर ने छात्रनेता दिलीप खरवार एवं एक अज्ञात के विरुद्घ तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्जकर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। इस बाबत पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि चिकित्सक के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है।
उधर, चिकित्सक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को अस्पताल के चिकित्सक हड़ताल पर चले गए, जिससे ओपीडी सेवा ठप रही। चिकित्सकों ने सीएमएस कक्ष में बैठ कर उक्त निर्णय लिया। इस मामले में चिकित्सकीय टीम ने जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत और पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली से मिलकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल में स्थाई सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग की। जिस पर एसपी ने अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित करने के लिए कमरे की मांग की तथा चिकित्सकों ने घटना का सीसीटीवी फुटेज मांगा।
बैठक को संबोधित करते हुए पीएमएस के सचिव संतोष चौधरी ने कहा कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आए दिन अराजकतत्वों द्वारा किसी न किसी मामले को लेकर चिकित्सक व फार्मासिस्ट के साथ दुर्व्यवहार करते रहते है। यहां तक कि चिकित्सक के साथ मारपीट भी करते हैं। इसके कारण चिकित्सक व कर्मचारी भयजदा होकर काम रहे है। जिसका जीता जागता उदाहरण बुधवार की रात इमरजेंसी से घर जा रहे डा. परविंद कुमार की अराजकतत्वों द्वारा की गई पिटाई है। उन्होंने अधिकारी द्वय से आरोपी के विरूद्घ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग की। कहाकि मांग पूरी होने तक ओपीडी बंद रहेगी।