बलिया। पांच दिन पहले शहर के चित्तू पांडेय चौराहा रेलवे क्रॉसिंग पर हुई रेलवे गेट मैन की हत्या के खुलासा को लेकर रेलवे पुलिस की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो रेलवे पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं और ब्लू कलर के दर्जन भर ई-रिक्शा चालकों को हिरासत में लिया है। हालांकि रेलवे पुलिस अभी इस बाबत कोई कुछ भी बताने से बच रही है। सात फरवरी को रात में गेट मैन शैलेश तिवारी की हत्या उनके केबिन में ही लोहे की राड से सिर पर वार करके की गई थी। ट्रेनों के गुजारने के लिए कंट्रोल की ओर से किए गए फोन नहीं उठने पर जब रेलकर्मी गेट मैन के केबिन में पहुंचे तो इसकी जानकारी हुई। रेलकर्मियों ने आनन-फानन में लहूलुहान गेटमैन को अस्पताल पहुंचाया था जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी ट्रामा सेंटर को रेफर कर दिया। हालांकि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस मामले में जीआरपी व आरपीएफ की ओर से मुकदमा दर्ज कर संयुक्त रुप से छानबीन की जा रही है। सूत्रों की मानें तो रेलवे पुलिस के हाथ इस बात के सुराग लगे हैं कि रात में गेट को बंद करते समय एक ब्लू कलर का ई-रिक्शा गेट के अंदर तक घुस गया जिससे उसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस बात को लेकर गेटमैन व ई-रिक्शा चालक से विवाद हुआ था। हालांकि गेट खुलने के बाद चालक ई-रिक्शा लेकर चला गया। इसको देखते हुए रेलवे पुलिस ने हत्या की सुराग तलाशनी शुरु कर दी है और करीब दर्जनभर ब्लू कलर के ई-रिक्शा चालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विवाद को लेकर ई-रिक्शा चालक ने ही बाद में साथियों के संग गेटमैन की हत्या को अंजाम दिया है। हालांकि रेलवे पुलिस अभी कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।